भास्कर न्यूज | भरनो पारस जलाशय से निकली नहर दो वर्षों से जर्जर अवस्था में है, जिसका मरम्मत कार्य सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है। इसमें घटिया सामग्री और कम मजदूरी देने को लेकर भरनो के दर्जनों किसान गोलबंद होकर पूर्व मुखिया मुकेश उरांव की अगुवाई में कार्य स्थल पर पहुंच कर कार्य की गुणवत्ता की जांच की। किसानों ने बताया कि घटिया क्वालिटी के सीमेंट व बालू का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही मजदूरों की सरकारी रेट 442 रु है। लेकिन नहर में कार्य कर रहे मजदूरों को 300 रु. ही मजदूरी भुगतान िकया जा रहा। जिस पर किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए फोन पर ठेकेदार को कार्य स्थल पर आने की बात कही। वहीं ठेकेदार पुलिस को लेकर कार्य स्थल पर पहुंचा। ठेकेदार के पहुंचते ही किसानों के साथ विवाद हो गया। वहीं बाद में ठेकेदार ने सीमेंट और बालू बदलने की बात कही, लेकिन मजदूरी भुगतान पर कहा कि सभी 300 ही दे रहे हैं। हम 442 रुपए क्यों दें।


