जोधपुर पारिवारिक न्यायालय संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी दलपतसिंह राजपुरोहित ने एक बीएड डिग्रीधारी महिला को उसके 12वीं पास बेरोजगार पति से गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस संबंध में महिला और उसकी दोनों बच्चों को मासिक 12 हजार रुपए भरण पोषण देने का आदेश दिया। दरअसल, वेणु पंवार ने न्यायमित्र हेमंत बावेजा के माध्यम से न्यायालय में मुकदमा दायर किया। इसमें बताया कि वर्ष 2013 में उसकी शादी बागर चौक निवासी महेन्द्र सिंह साखला के साथ हिंदू रीति रिवाज से हुई थी। इससे उसके दो संतान का जन्म हुआ। इसके बाद से ही उसे कम दहेज लाने के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया। वहीं, पति महेंद्र कुमार की ओर से सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा गया कि वह 12वीं पास है। वह पूर्ण स्वस्थ व हष्ठपुष्ट होने के बावजूद बेरोजगार है। जबकि, उसकी पत्नी व्यावसायिक डिग्री बीएड शिक्षित होकर महीने की आय प्राप्त कर रही है। इसके बाद कोर्ट ने पति की दलीलों को खारिज करत हुए कहा कि अप्रार्थी का पत्नी व नाबालिग बच्चों को अपने आर्थिक व सामाजिक स्तर के अनुरूप भरण पोषण करे। इसके साथ ही कोर्ट ने वर्तमान समय में महंगाई सूचकांक, जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान कराने का पत्नी के पक्ष में निर्णय दिया।


