भास्कर न्यूज| महासमुंद/ पिथौरा शिकारियों ने बेहद शातिराना तरीके से कागज की पैकिंग वाला जहर को बोतल में घोलकर खाने में मिलाया और 10 जंगली सुअरों को मौत के घाट उतार दिया। ये घटना पिथौरा वनपरिक्षेत्र के बगारपाली जंगल की है। जहां शिकारियों ने खौफनाक साजिश रचते हुए 10 जंगली सुअरों को जहर देकर मार डाला। मामले का खुलासा होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। दरअसल, 27 जनवरी को ड्यूटी में तैनात चौकीदार वन्य प्राणी की गणना करने के लिए जंगल में निकले थे। एक साथ 10 सुअरों को मृत देखकर डर गए। सभी के शव क्षतविक्षत अवस्था में थे। वनरक्षक दिलेश्वरी कंवर के कहने पर सभी सुअरों के शवों को दफना दिया था। इनमें 3 फीट जमीन के अंदर मादा सुअर और उसके बच्चों को जमीन में 1 फीट के गड्ढे में दफनाया गया। सुअरों के बच्चों के शवों को कुत्ते और लकड़बघ्घे खा गए थे। इसके चलते शव क्षत विक्षत मिला। डीएफओ मयंक पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वनरक्षक दिलेश्वरी कंवर और संबंधित चौकीदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने अधिकारियों को सूचना देने के बजाय 27 जनवरी को ही साक्ष्य मिटाने की नीयत से शवों को दफना दिया था। जांच के लिए 15 सदस्यीय जांच टीम गठित: रेंजर निराला ने बताया कि शिकारियों ने जहर कागज की पुड़िया में लाया था और इसे पानी की बोलन में घोलने के बाद सुअरों को खाने में मिलाकर दिया था, जिससे उनकी मौत हुई थी, जहर के डिब्बे बरामद किए गए है। जंगल सुअर को जहर देकर मारने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही जांच के लिए 15 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। जो मामले की बारिकी से जांच कर रही है। 7 जगहों पर क्षत विक्षत मिले अवशेष: शिकायत के बाद जब एसडीओ डिम्पी बैस और रेंजर सुखराम निराला की टीम ने 4 फरवरी को मौके पर खुदाई कराई, तो 7 अलग-अलग स्थानों से सुअरों के क्षत-विक्षत अवशेष, हड्डियां और अंग बरामद हुए। जांच में पता चला कि नर सुअर का शव मादा से करीब 1 किमी दूर मिला। जहर के कारण जानवरों के अंदरूनी अंग (दिल, कलेजा) पूरी तरह सड़ चुके थे। दोषियो पर होगी सख्ती कार्रवाई : डीएफओ मयंक पांडेय ने स्पष्ट किया है कि वन्यप्राणी संरक्षण में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मचारियों को तत्काल सेवा से हटाया जाएगा और शिकारियों को जेल भेजा जाएगा।


