नेत्र वसंत रूरल आई हेल्थ प्रोग्राम के तहत नेत्र चिकित्सा अधिकारियों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए एक दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण का आयोजन जिला अस्पताल सभागृह में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जन कल्याण सामाजिक संस्था द्वारा साइट सेवर इंडिया के तकनीकी सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण, आदिवासी एवं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में नेत्र रोगों की समय पर पहचान, प्राथमिक स्तर पर नेत्र जांच की गुणवत्ता में सुधार, सुदृढ़ रेफरल प्रणाली का विकास तथा नवीन राष्ट्रीय दिशानिर्देशों व प्रोटोकॉल की जानकारी देना रहा। विशेष रूप से बैगा बाहुल्य क्षेत्रों में समन्वय के माध्यम से मोतियाबिंद रोगियों के सफल ऑपरेशन करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी (एनआरएचएम) अनुपमा तिवारी, जिला पैथोलॉजिस्ट डॉ. एसके शर्मा, जिला नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम) क्षमा चोपड़ा, साइट सेवर इंडिया की राज्य प्रमुख उर्मिमाला एवं क्रियान्वयन संस्था के प्रतिनिधि योगेन्द्र प्रताप सिंह ने अपनी बातें रखी। उर्मिमाला ने बताया कि नेत्र वसंत कार्यक्रम जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित है और इसके लक्ष्य सामूहिक प्रयास से ही पूरे होंगे। डीपीएम ने अधिक से अधिक मोतियाबिंद रोगियों के चिन्हांकन और फील्ड स्तर की समस्याओं के समाधान पर चर्चा की। वहीं नोडल अधिकारी चोपड़ा ने चिन्हित रोगियों को सर्जरी के लिए जिला अस्पताल भेजने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।


