देवेंद्र यादव को थी बलौदाबाजार हिंसा होने की जानकारी:पुलिस चालान में जिक्र, इनका संबंध अपराधियों से; आंदोलन के लिए फंडिंग का दिया था आश्वासन

बलौदाबाजार हिंसा मामले में पुलिस ने 6970 पेज का चालान कोर्ट में पेश किया है। इसके कुछ अहम दस्तावेज दैनिक भास्कर के हाथ लगे हैं। इन दस्तावेजों में पुलिस ने घटना की पूरी जानकारी, आरोपियों की भूमिका और उनसे जुड़े सबूतों का जिक्र किया है। इसमें यह भी कहा गया है कि, विधायक देवेंद्र यादव को बलौदाबाजार में हिंसा होने की जानकारी थी। चालान के मुताबिक, उन्होंने उग्र आंदोलन के लिए फंडिंग का भी आश्वासन वहां के लोगों को दिया था। इस मामले में 189 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, MLA यादव अब भी जेल में हैं। आगे विस्तार से पढ़िए चालान के मुताबिक बलौदाबाजार कांड और उसमें देवेंद्र यादव की भूमिका इस रिपोर्ट में… चालान में लिखा- देवेंद्र का संबंध कुख्यात अपराधियों से बलौदाबाजार अग्निकांड से पहले कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने प्रदर्शनकारियों को उग्र आंदोलन करने और उसके इंतजाम के लिए फंडिंग करने का आश्वासन दिया था। इस बात का खुलासा बलौदाबाजार पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में किया है। केस की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों ने चालान में लिखा है, कि देवेंद्र यादव का संबंध कुख्यात अपराधियों से है। उनकी कार्यप्रणाली पूरे मामले में नेतृत्व करने के इच्छा दर्शाती है। आगे चालान में कहा गया कि, आंदोलनकारियों का नेतृत्व करके वो प्रसिद्धि पाने और सुर्खियों में बने रहने के लिए आपराधिक काम करने से भी परहेज नहीं किए। सूरजपुर निवासी अपराधी कुलदीप साहू के साथ देवेंद्र की फोटो इस बात काे साबित करती है। पुलिस के प्रतिवेदन के अनुसार, जिन प्रदर्शनकारियों से देवेंद्र यादव ने सभा स्थल में मुलाकात की थी, वे सभी प्रदर्शनकारी तोड़फोड़ और आगजनी कांड में शामिल थे। देवेंद्र यादव के सभा स्थल से जाने के बाद उन्होंने घटनाक्रम को अंजाम दिया और फरार हो गए। हिंसा से पहले प्रदर्शनकारियों से कई बार देवेंद्र यादव की हुई बात 10 जून को घटना के बाद देवेंद्र यादव ने संतोष भारती गोल्डी मरैया से 2 बार बात की। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने जिन लोगों से बात की, वे सभी बलौदाबाजार अग्निकांड में आरोपी बने हैं। देवेंद्र यादव को भी बलौदाबाजार पुलिस ने 17 अगस्त को भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया था। 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी आगजनी कांड में गवाह बलौदाबाजार अग्निकांड के आरोपियों का पता लगाने और उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए जांच अधिकारियों ने 30 से ज्यादा पुलिसकर्मियों का बयान लिया है। अग्निकांड में आरोपियों के खिलाफ डीएसपी, निरीक्षक, सब इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल रैंक के पुलिसकर्मियों को जांच अधिकारियों ने गवाह बनाया है। साथ ही फोटो-वीडियो को भी सबूत के रूप में चालान में अटैच किया गया है। DSP की शिकायत पर FIR बलौदाबाजार अग्निकांड के दौरान मौजूद डीएसपी राजेश श्रीवास्तव की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की गई थी। शिकायतकर्ता डीएसपी श्रीवास्तव ने अपनी शिकायत में बताया था, कि उसकी ड्यूटी दशहरा मैदान में वरिष्ठ अधिकारियों ने लगाई थी। मैदान में 8 से 10 हजार प्रदर्शनकारी उपस्थित थे। मंच से आयोजनकर्ताओं और वक्ताओं की ओर से भड़काऊ भाषण दिए जा रहे थे। आंदोलन के दौरान रैली की अनुमति नहीं थी, फिर भी इस नियम का उल्लंघन किया गया। आंदोलनकारियों की ओर से गार्डन चौक, चक्रपाणी स्कूल चौराहा, संयुक्त जिला कार्यालय और शासकीय कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई और गाड़ियों को जला दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी में मौजूद पुलिस अधिकारी–कर्मचारियों की हत्या करने की नीयत से हमला किया और आगजनी की। घटना पूरी सोची समझी साजिश जांच अधिकारियों के अनुसार, बलौदाबाजार आगजनी अचानक हुआ आक्रोश नहीं था बल्कि यह पूरी तरह से सोची समझी साजिश थी। घटना के बाद 365 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अग्निकांड के 235 दिन बाद आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिलनी शुरू हुई। इस मामले में 11 जनवरी 2025 को कोर्ट ने 14 आरोपियों को जमानत पर जेल से छोड़ा है। वहीं अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही विधायक देवेंद्र यादव अभी जेल में बंद हैं। कांग्रेस गिरफ्तारी का लगातार विरोध कर रही है। आगजनी में 2.82 करोड़ का नुकसान चालान रिपोर्ट के अनुसार अग्निकांड में 2.82 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहन, निजी वाहन, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसी तरह से एसपी और कलेक्ट्रेट ऑफिस को प्रदर्शनकारियों ने जला दिया। प्रदर्शन के दौरान आंदोलकारियों ने पुलिसकर्मियों और शासकीय कर्मचारियों से मारपीट करके उन्हें घायल भी किया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारी घटनाक्रम को अंजाम देने के लिए पेट्रोल बम लेकर पहुंचे थे। इस घटना के बाद हुई थी हिंसा देवेंद्र पर कार्रवाई द्वेषपूर्ण: पायलट देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद से लगातार राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। कांग्रेस के कई नेता उनसे मिलने सेंट्रल जेल भी जा चुके हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान उनसे मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा था, कि सरकार के इशारे पर देवेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया। सरकार ने बलौदाबाजार घटनाक्रम की जांच नहीं करवाई और देवेंद्र यादव पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई की गई। बीजेपी के नेताओं को नोटिस भी नहीं दिया गया और हमारे विधायक पर कार्रवाई की गई। हम सब देवेंद्र के साथ खड़े है और कोर्ट में पूरी लड़ाई लड़ेंगे। …………………………………………. बलौदाबाजार हिंसा से जुड़ी यह खबरें भी पढ़ें… बलौदाबाजार हिंसा…भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष-महासचिव गिरफ्तार:कलेक्ट्रेट बिल्डिंग का जायजा लेने पहुंचे मुख्य सचिव और डीजीपी; अब तक 151 की गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार हिंसा मामले में शनिवार को 3 बड़ी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश आजाद, प्रदेश महासचिव राम स्वरूप महिलांगे और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अभी तक इस मामले में 151 आरोपियों को गिरफ्तारी किया जा चुका है। पढ़ें पूरी खबर भीम आर्मी चीफ बोले-बलौदाबाजार हिंसा सोची-समझी साजिश:भटगांव में चंद्रशेखर ने कहा-दोषियों को बचा रही सरकार; 10 दिन बाद फिर आंदोलन की चेतावनी छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के लिए 11 फरवरी को वोटिंग हुई। इनमें औसतन 72.33 प्रतिशत वोट पड़े। फाइनल फिगर आने पर आंकड़ा बढ़ेगा। पिछली बार 67.35% मतदान हुआ था। यानी पिछली बार से इस बार औसत मतदान 5.2% बढ़ा है। पढ़ें पूरी खबर बलौदाबाजार हिंसा…8 लोगों को मिली बीमा राशि:240 वाहनों को पहुंचाया गया था नुकसान, दस्तावेज रिकवरी के लिए बनाई गई टीम बलौदाबाजार आगजनी की घटना में करीब 12 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। वहीं पीड़ितों को बीमा कंपनी से राशि मिलना शुरू हो गई है। दस्तावेज रिकवरी के लिए भी टीम बनाई गई है।बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी और SP विजय अग्रवाल ने यह जानकारी दी है। पढ़ें पूरी खबर

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