कोटा जिले में तेल माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी का पेट्रोल-डीजल लेकर आ रहे एक ड्राइवर को पकड़ा है। आरकेपुरम थाने की टीम ने नयागांव इलाके में एक पिकअप वाहन को रोककर चोरी का 2940 लीटर पेट्रोल-डीजल जब्त किया। इसमें 2100 लीटर पेट्रोल और 840 लीटर डीजल शामिल है, जो 14 ड्रमों में भरा हुआ था। जांच में सामने आया कि यह तेल चित्तौड़गढ़ से चोरी कर कोटा में बेचने के लिए लाया जा रहा था। ड्राइवर बलराम को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। जो चित्तौड़गढ़ का रहने वाला है। डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में यह तेल आईओसी कंपनी का बताया जा रहा है। फिलहाल आरोपी से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि वह यह तेल किससे खरीदकर लाया था और कोटा में किन लोगों को बेचने वाला था। एक ड्रम में लगभग 210 लीटर तेल आता है, और पकड़े गए इस स्टॉक की कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। जिले में पहले भी टैंकरों से तेल चोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि पहले जब कंपनी के टैंकर चलते थे, तब चोरी की घटनाएं कम थीं। निजी टैंकरों के चलन में आने के बाद चोरी के मामले बढ़े हैं। हालांकि कंपनी के टैंकरों में पासवर्ड से खुलने वाले ऑटोमेटिक लॉक लगे होते हैं, इसके बावजूद चोरी की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। कोटा में हर रोज करीब 200 टैंकर पेट्रोल-डीजल के आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टैंकर ड्राइवरों और संगठित गिरोह की सांठ-गांठ से हर टैंकर से 50 से 100 लीटर तेल चोरी कर लिया जाता है, जिसका पता लगाना मुश्किल होता है। कोटा पेट्रोलियम एसोसिएशन ने मांग की है कि डिपो से लेकर पंप तक फ्लोमीटर से ही तेल की माप हो, ताकि तेल चोरी पर पूरी तरह रोक लग सके।


