प्रदेश में संचालित 3662 सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के आधिकारिक रिकॉर्ड में अंकित स्कूल के नाम और साइन बोर्ड पर प्रदर्शित नाम में भिन्नता होने से प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सेंटर खोजने में दुविधा हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर के सचिव ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को स्कूलों के आधिकारिक नाम और साईन बोर्ड पर अंकित नाम में एकरूपता के लिए पत्र लिखा है। उधर, शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने स्कूल के रिकॉर्ड में अंकित नाम और साईन बोर्ड पर प्रदर्शित स्कूल के नाम में एकरूपता के संबंध में सभी संभागीय संयुक्त निर्देशकों को निर्देश जारी किए हैं। आयोग के सचिन ने शिक्षा निदेशक को भेजे पत्र में बताया कि प्रतियोगी परीक्षा के समय अनेक अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र में आधिकारिक रिकॉर्ड में अंकित स्कूल का नाम ही प्रदर्शित किया जाता है। लेकिन संबंधित स्कूल के साइन बोर्ड पर अलग नाम प्रदर्शित होने के कारण अभ्यर्थी अनेक बार भ्रम की स्थिति में रह जाते हैं। जिस कारण से अभ्यर्थियों को अनावश्यक रूप से मानसिक तनाव, समय की हानि और परीक्षा में विलंब जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इस समस्या का मुख्य कारण शिक्षा विभाग के शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज स्कूल के नाम और विद्यालय के साइन बोर्ड पर प्रदर्शित नाम में भिन्नता होना है। शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज नाम ही होगा साइन बोर्ड पर
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आयोग की ओर से भेजी गई परीक्षा केंद्रों की सूची में उल्लेखित स्कूल के शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज नाम का भौतिक सत्यापन करते हुए स्कूल के साइन बोर्ड पर भी वही नाम अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं जो कि शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज है। शहरी क्षेत्र में कई स्कूल ऐसे हैं जिनके पहले नाम अलग थे और अब अलग है। भामाशाह की ओर से स्कूल गोद लेने के बाद स्कूल के नाम में बदलाव किया जाता है। पीएमश्री श्रेणी में चयनित अनेक राजकीय स्कूलों के आगे अब पीएम श्री जुड़ गया है। लेकिन अनेक स्कूलों के साइन बोर्ड पर पुराने नाम ही चल रहे हैं। बीकानेर के 109 स्कूल शामिल
राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशक को प्रदेश के जिन 3662 स्कूलों की सूची भेजी है उसमें बीकानेर जिले के 109 सरकारी और निजी स्कूलों के नाम शामिल है। जिनके शाला दर्पण पर दर्ज नाम और स्कूल के साइन बोर्ड पर दर्ज नाम में भिन्नता है। “जिन स्कूलों के आधिकारिक रिकॉर्ड में अंकित विद्यालय के नाम और साइन बोर्ड में अंकित नाम में भिन्नता है उन्हें दुरुस्त करवाने के लिए मुख्यालय से निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस संबंध में संबंधित संस्था प्रधानों को अवगत कराया जाएगा।”
-सुनीता चावला, संयुक्त निदेशक, स्कूली शिक्षा, बीकानेर संभाग


