चारा बेचकर कमाए 6 करोड़, स्कूलों को दिए दान:सवाई माधोपुर के सरकारी स्कूलों की कायापलट करने वाले भामाशाह हुए सम्मानित

सवाई माधोपुर जिले के गांवों ने 6 महीने फसल की तूड़ी यानी चारा बेचकर 6 करोड़ रुपए जुटाए। इसके बाद ये रुपए शिक्षा विभाग को जिले की स्कूलों के लिए दान किया गया। इन रुपए से जिले की स्कूलों को सुधारा जाएगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन शहर के रणथम्भौर सर्किल पर आयोजित किया गया। कार्यक्र्रम में कलेक्टर कानाराम की ओर से भामाशाहों को सम्मानित किया गया। फाउंडेशन की ओर से भी की गई मदद कार्यक्रम में CEO गौरव बुडानिया ने अध्यक्षता की। वहीं कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एडीएम संजय शर्मा और नलिनी फाउंडेशन के अध्यक्ष राधा गोविंद माथुर रहे। इस दौरान यहां जिले के सरकारी स्कूलों की कायापलट करने वाले भामाशाहों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से 561 भामाशाहों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान नलिनी फाउंडेशन की ओर से शिक्षा विभाग को दस लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। कलेक्टर कानाराम ने भविष्य उड़ान के लिए सहयोग करने के लिए दिया धन्यवाद
इस दौरान कलेक्टर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनके आठ माह में दूसरा सम्मान समारोह है। जिले भामाशाहों ने भविष्य की उड़ान कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाई है। इसका परिणाम है कि जुलाई से अब तक शिक्षा विभाग के पास 6 करोड़ रुपए इकट्ठा हुए हैं। इसे सभी भामाशाहों का सम्मान करते हुए खुशी हो रही है। आशा है कि आगामी समय में भी हमारे बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए लोग इसी तरह आर्थिक सहायता करते रहेंगे।

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