रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से एक सुखद तस्वीर सामने आई है। यहां पर हाल ही में एक पर्यटक को भारतीय भेड़िए की सेसाइटिंग हुई थी। जिसे एक्सपर्ट ने रेयर बताया है। एक्सपर्ट के अनुसार रणथम्भौर के पर्यटन के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। जिसे देखकर वन्यजीव प्रेमी खुश हैं। दरअसल, बीते शनिवार सुबह की पारी में रणथम्भौर के जोन नंबर चार में पर्यटक हेमेंद्र कोठारी अपने परिवार के साथ सफारी पर गए थे। सफारी के दौरान उनके रणथम्भौर नेशनल पार्क के नेचर गाइड बत्तीलाल गुर्जर भी साथ थे। इसी दौरान करीब सवा आठ बजे उनको लकड़दा वन्य क्षेत्र में एक भेड़िया के दीदार हुए थे। जिसे देखकर बत्तीलाल गुर्जर अचंभित रह गए। क्योंकि अब से पहले टाइगर रिजर्व के टूरिज्म एरिया में भेड़िये की साइटिंग नहीं हुई थी। बत्तीलाल की मानें तो रणथम्भौर के टूरिज्म के इतिहास में पहली बार भेड़िये की साइटिंग हुई है। जो रणथम्भौर के लिए खुशखबरी है। अक्सर झुंड में रहता है भेड़िया भारतीय भेड़िया का वैज्ञानिक नाम कैनिस लूपस पैलिपेस (Canis lupus pallipes) है। जो भारतीय उपमहाद्वीप और पश्चिमी एशिया में पाई जाती है। भेड़िया अक्सर टोलियों के रूप में रहते हैं, लेकिन रणथम्भौर में अकेले भेड़िये की साइटिंग हुई है। जिसे एक्सपर्ट रेयर मान रहे हैं।


