शहडोल जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र में भालू के हमलों का खतरा बना हुआ है। पिछले तीन महीनों में भालू के हमले से दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वन विभाग लगातार ग्रामीण इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। शनिवार सुबह भी वन विभाग का अमला प्रभावित गांवों में पहुंचा और लोगों को भालू की मौजूदगी को लेकर सावधानी बरतने का संदेश दिया। रेंजर ने बताया जंगलों में कई भालू एक्टिव है केशवाही वन परिक्षेत्र के रेंजर अंकुर तिवारी ने बताया कि क्षेत्र के जंगलों में कई भालू सक्रिय हैं। ग्रामीणों को बार-बार आगाह किया जा रहा है कि वे अकेले जंगल न जाएं और विशेषकर शाम के समय जंगल की ओर जाने से बचें। उन्होंने कहा कि भालू के अचानक सामने आने की घटनाएं गंभीर हो सकती हैं, इसलिए सतर्कता आवश्यक है। रेंजर तिवारी ने यह भी बताया कि भालुओं की निगरानी के लिए वन विभाग की कई टीमें गठित कर सर्चिंग अभियान चला रही हैं। वन विभाग की कई टीमें गठित कर सर्चिंग अभियान चला रही उधर, जैतपुर वन परिक्षेत्र के रसमोहनी क्षेत्र में भी भालू की गतिविधियां देखी गई हैं। कुछ दिन पहले बस्ती के आसपास भालू देखे जाने के बाद वन विभाग ने गश्त बढ़ाई और फिक्स प्वाइंट लगाए। भालू को पकड़ने के लिए एक पिंजरा भी लगाया गया है, लेकिन अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल रसमोहनी की बस्ती और बाजार क्षेत्र में भालू की आवाजाही नहीं हो रही है। विभाग का दावा है कि लगातार गश्त और निगरानी के कारण भालू जंगल की ओर लौट गया है। इसके बावजूद, वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन अमले को दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


