चित्तौडगढ़ के कपासन पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिंहपुर में रिश्वत लेते पकड़े गए ग्राम विकास अधिकारी पारस राम विश्नोई का मामला अब केवल एक ट्रैप तक सीमित नहीं रहा। ACB की कार्रवाई के बाद जांच उसके पुराने कार्यकालों तक पहुंच गई है। श्मशान घाट निर्माण भुगतान के बदले रिश्वत मांगने के इस मामले में अलग अलग पंचायतों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे ACB को लंबे समय से चल रही कथित गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। सिंहपुर से पहले कई पंचायतों में रह चुका है तैनात
जानकारी के अनुसार पारस राम विश्नोई पिछले करीब डेढ़ से 2 साल से ग्राम पंचायत सिंहपुर में पोस्टेड था। इससे पहले वह बबराणा, कांकरवा, मुंगाना और धमाणा ग्राम पंचायतों में भी अपनी सेवाएं दे चुका है। ACB की गिरफ्तारी के बाद इन पंचायतों से जुड़े कई लोगों ने मौखिक रूप से शिकायतें सामने रखी हैं। खास तौर पर कांकरवा गांव से लगातार शिकायतें मिलने की बात सामने आई है, जिससे यह संकेत मिला है कि यह तरीका पहले भी अपनाया जाता रहा है। श्मशान घाट निर्माण भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
पूरा मामला ग्राम पंचायत सिंहपुर में बने श्मशान घाट के निर्माण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ठेकेदार ने निर्माण कार्य में उपयोग हुए सामान के कुल सात बिल लगाए थे। इन बिलों की ऑनलाइन फीडिंग कर भुगतान करवाने के बदले ग्राम विकास अधिकारी ने दो लाख दस हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। 70 हजार नकद और 1 लाख 40 हजार का चेक लेते पकड़े गए
ACB के अनुसार गुरुवार को तय रकम के तहत ग्राम विकास अधिकारी पारस राम विश्नोई और कनिष्ठ सहायक बाबूलाल शर्मा ने 70 हजार रुपए नकद और 1 लाख 40 हजार रुपए का चेक लिया। इसी दौरान ACB ने ट्रैप की कार्रवाई कर दोनों को पकड़ लिया। खाली चेक से दूसरे के खाते में डलवाता था रकम
ACB के डीएसपी हरिश्चंद्र सिंह चुंडावत ने बताया कि आरोपी रिश्वत लेने के लिए एक खास तरीका अपनाता था। वह ऐसा चेक लेता था, जिसमें केवल रकम लिखी होती थी और नाम खाली छोड़ा जाता था। बाद में उस चेक की राशि किसी अन्य व्यक्ति के अकाउंट में डलवाकर उससे नकद पैसे ले लिए जाते थे। इस तरीके से सीधे तौर पर रिश्वत लेने वाले का नाम सामने नहीं आता था। जांच में सामने आया है कि इससे पहले भी इसी तरह का तरीका अपनाया गया है। कनिष्ठ सहायक ने निभाई बीच की भूमिका
जांच में कनिष्ठ सहायक बाबूलाल शर्मा की भूमिका भी सामने आई है। ACB के अनुसार उसने यह काम पहली बार किया और ग्राम विकास अधिकारी के कहने पर बीच में भूमिका निभाई। फिलहाल ACB मामले की जांच कर रही है और आरोपी के पुराने कार्यकाल से जुड़े मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।


