महाकुंभ को लेकर भक्तों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। IRCTC की ओर से चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेन में बुकिंग फुल हो चुकी है। इसमें 29 यात्री चित्तौड़गढ़ जिले से है। यह यात्रा 18 फरवरी को उदयपुर से शुरू होगी, जो चित्तौड़गढ़, चंदेरिया, भीलवाड़ा, अजमेर, किशनगढ़, फुलेरा, जयपुर, बांदीकुई, अलवर, मथुरा, आगरा से होते हुए काशी विश्वनाथ-वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जाएगी। यात्रा 23 फरवरी को खत्म होगी। पहले यह ट्रेन 24 जनवरी को चलाई जाने वाली थी, लेकिन कैंसिल होने के कारण पहले से बुक कर चुके कुछ यात्रियों को कैरी फॉरवर्ड किया गया है। 24 जनवरी की यात्रा में चित्तौड़गढ़ से 12 बुकिंग हो चुकी थी।
इस होने वाले टूर में 2 कैटेगरी रखी गई थी, जिसमें स्टैंडर्ड कैटेगरी वाले यात्रियों ने 28,340 रुपए दिए और इकोनॉमी कैटेगरी वाले यात्रियों ने 20,375 रुपए दिए। उदयपुर से शुरू होगी ट्रेन
IRCTC के संयुक्त महाप्रबंधक, योगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि IRCTC की और से 18 फरवरी को यात्रियों को महाकुंभ की यात्रा में लेकर जाया जाएगा। यह यात्रा पहले 24 जनवरी को प्रस्तावित थी। लेकिन किसी कारण से रेलवे ने इस यात्रा को 24 जनवरी से कैंसिल करके 18 फरवरी को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि हर 12 साल में देश के 4 पवित्र स्थान पर महाकुंभ आयोजित होता है। जहां श्रद्धालु आत्मिक शुद्धता और आध्यात्मिक क्रियाकलाप के लिए इकट्ठे होते हैं। प्रयागराज महाकुंभ गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम पर लाखों श्रद्धालुओं को अपनी और आकर्षित करता है। इस बार देशवासी काफी उत्साहित है। इसी उत्साह को देखते हुए भारतीय रेलवे के उपक्रम इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन ने तीर्थ यात्रा का एक नया प्लान जारी किया है।
यह यात्रा यात्रियों के महाकुंभ को लेकर उत्साह को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है और भक्तों के उत्साह में कही भी कमी भी नहीं देखी गई है। यह ट्रेन 18 फरवरी को उदयपुर से रवाना होकर चित्तौड़गढ़, चंदेरिया, भीलवाड़ा, अजमेर, किशनगढ़, फुलेरा, जयपुर, बांदीकुई, अलवर,मथुरा,आगरा से होते हुए काशी विश्वनाथ-वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जाएगी। इस यात्रा में यात्रियों को कुंभ त्रिवेणी संगम, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन, हनुमान मंदिर, तुलसी मानस मंदिर, राम जन्मभूमि मंदिर हनुमानगढ़ी के दर्शन करवाए जाएंगे। साथ ही गंगा आरती के दर्शन भी करवाए जाएंगे। चित्तौड़गढ़ के लिए हुई है 29 बुकिंग
योगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि लोगों में इतना उत्साह है कि यह ट्रेन फुल हो चुकी है। इसमें कुल 728 पैसेंजर है। इसमें चित्तौड़गढ़ से 29 यात्रियों ने अपनी बुकिंग करवाई है। 24 जनवरी को यह ट्रेन जाने वाली थी। उस समय चित्तौड़गढ़ से 12 यात्रियों ने बुकिंग करवाई है। इनमें से कुछ जनों को कैरी फॉरवर्ड किया गया है। संभव है कि कुछ जनों ने बुकिंग कैंसिल भी करवाई होगी। जिन्होंने कैंसिल की है, उन्हें रिफंड भी दे दिया गया है। आईआरसीटीसी के माध्यम से यात्री इस महाकुंभ में हिस्सा ले पाएंगे और साथ ही ट्रेन में भोजन से लेकर तीर्थ स्थल के दर्शन तक की सुविधाएं प्रदान की जाएगी। ये यात्रा 2 अलग- अलग श्रेणियां में है
IRCTC की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए 2 अलग-अलग कैटेगरी तैयार की गई थी। इसमें स्टैंडर्ड कैटेगरी के लिए 28,340 प्रति व्यक्ति किराया था। इसमें एसी ट्रेन के अलावा एसी स्टे और बस की सुविधा दी जा रही है। वहीं, इकोनॉमी स्लीपर कैटेगरी के लिए किराया 20,375 रुपए रखा गया था, जिसमें यात्रा, स्टे आदि नॉन -एसी सुविधाएं होंगी। दोनों ही कैटेगरी में कंफर्म बर्थ के साथ-साथ होटल आवास, खानपान सेवा, ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह रहेगा यात्रा का शेड्यूल
यह यात्रा 18 फरवरी से रवाना हो कर वाया उदयपुर, चंदेरिया, भीलवाड़ा, अजमेर किशनगढ़, जयपुर, बांदीकुई, अलवर, मथुरा, आगरा होते हुए 19 फरवरी को बनारस पहुंचेगी। यहां पर यात्रियों को गंगा आरती के दर्शन करवाए जाएंगे। नाइट स्टे बनारस में रहेगा। 20 फरवरी को नाश्ते के बाद बस के द्वारा यात्रियों को प्रयागराज के लिए रवाना किया जाएगा। प्रयागराज में पहुंचने के बाद यात्रियों के लिए महाकुंभ ग्राम में टेंट मे आवास, भोजन की व्यवस्था रहेगी। खाने के बाद यात्रियों को कुंभ के लिए भेजा जाएगा और नाइट स्टे भी टेंट में रहेगा।
21 फरवरी को यात्रियों को वाया रोड वाराणसी के लिए भेजा जाएगा। यहां पर यात्रियों को काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन, हनुमान मंदिर और तुलसी मानस मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। रात्रि विश्राम वाराणसी में ही रहेगा। 22 फरवरी को ट्रेन के द्वारा अयोध्या ले जाया जाएगा और राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद यात्रियों को लेकर ट्रेन वापस रवाना होगी और 23 फरवरी को वापस उदयपुर पहुंचेगी।


