जयपुर के माधोराजपुरा स्थित मंदिर श्रीखेड़ापति हनुमानजी ग्राम खेड़ा को गलता तीर्थ की सम्पत्ति माना है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) फागी ने करीब 26 साल पुराने मामले पर फैसला सुनाते हुए इस मंदिर का प्रबंधन और संचालन देव स्थान विभाग को करने के आदेश दिए है। ये फैसला पीठासीन अधिकारी रेखा तिवारी ने किशनलाल पुत्र कसेरा एवं अन्य बनाम मंदिर ठिकाना गलता, सार्वजनिक प्रन्यास और देव स्थान विभाग के केस पर दिया है। दरअसल नवंबर 1999 में ये मामला फागी कोर्ट में दायर हुआ था, जिस पर तमाम बहस और सुनवाई होने के बाद अब ये फैसला आया है। इस फैसले में कोर्ट ने बालकिशन को मंदिर के पुजारी पद से हटाने के लिए कहा है। साथ ही मंदिर श्रीखेड़ा हनुमानजी को प्रशासक के हाथों में देने का आदेश दिया है। मंदिर और उससे जुड़ी संपत्तियों की आय-व्यय का पूरा हिसाब-किताब अब प्रशासक करेगा।
हाईकोर्ट में लंबित अपील के अंतिम निर्णय तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।


