12 प्रजातियों के 115 पेड़ ‘मां की बगिया’ में लगाए:खरगोन कलेक्टर आदिवासी महिला से बोलीं- आय बढ़ाने ऐसे मॉडल अपनाएं

खरगोन के आदिवासी झिरन्या क्षेत्र में किरण जायसवाल ने 115 फलदार पौधों की ‘मां की बगिया’ लगाई है। यह बगिया एक साल के भीतर उनकी आजीविका का साधन बन जाएगी। यह पहल मनरेगा योजना के तहत की गई है, जिसमें छोटी सी जगह पर फलदार और वनस्पति की खेती से आजीविका चलाने का तरीका दिखाया गया है। झिरन्या जनपद की ग्राम पंचायत पखालिया के करानिया गांव की किरण ने अपने घर के पीछे यह बगिया तैयार की है। इसे देखने के लिए खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल पहुंचीं। कलेक्टर मित्तल ने इस प्रयास की सराहना करते हुए महिलाओं और अन्य लोगों से अपनी आय बढ़ाने के लिए ऐसे ही मॉडल अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रकृति के साथ-साथ रोजगार से भी जोड़ेगी। कलेक्टर ने सुझाव दिया कि गांव की 50 से अधिक महिलाएं ऐसी रोपणी तैयार कर सकती हैं। ‘मां की बगिया’ में कुल 115 फलदार पौधे लगाए गए हैं। इनमें आम की 12 प्रजातियां शामिल हैं, जैसे देशी, केशर, हापुश, दशहरी, आम्रपाली और चौसा। इनके अलावा नाशपाती, चीकू, संतरा, अनानास, अमरूद, नींबू और अंगूर सहित तीन दर्जन से अधिक विभिन्न फलदार पौधे लगाए गए हैं। किरण ने इन पौधों को पेड़ बनाने में काफी मेहनत की है, और अब ये पौधे पेड़ का रूप लेने लगे हैं। किरण बताती हैं कि उन्हें पौधारोपण की प्रेरणा आचार्य संदीप उपमन्यु, रेवा करुणाधाम आश्रम करौली से मिली। मनरेगा योजना के तहत इस कार्य में जनपद सीईओ महेंद्र कुमार श्रीवास्तव, संत समाजसेवी और अरविंद जायसवाल ने मार्गदर्शन प्रदान किया। जनपद सीईओ महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि किरण एक विधवा महिला हैं और वह अपने दो बच्चों का पालन-पोषण अकेले कर रही हैं। इस बगिया को लगाकर उन्होंने अपनी आय का एक नया जरिया बनाया है। बगिया से होने वाली आय से उनके परिवार के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में भी मदद मिलेगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *