बांसवाड़ा के बागीदौरा कस्बे में बिना किसी पूर्व सूचना के अन्य राज्य से आकर धार्मिक प्रचार करने और पुलिस समझाइश के दौरान उग्र व्यवहार करने पर तब्लीगी जमात के 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई शांतिभंग की आशंका के चलते की। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पुलिस ने सभी को कड़ी सुरक्षा के बीच गुजरात बॉर्डर पर छोड़ा। पुलिस ने गली में रोका बागीदौरा पुलिस चौकी प्रभारी रमेशचंद्र ने बताया की सूचना मिली थी कि गुजरात के गोधरा से आई तब्लीगी जमात की एक टीम पिछले दो दिनों से कस्बे में अलग-अलग टुकड़ियों में घूम रही है। सूचना मिलते ही कलिंजरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मस्जिद के पीछे वाली गली में इस दल को रोककर पूछताछ की। जागरूकता का दिया हवाला पूछताछ में दल के सदस्यों ने बताया कि वे गोधरा से आए हैं और रमजान के पवित्र महीने से पूर्व विभिन्न गांवों में धार्मिक जागरूकता फैला रहे हैं। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि इस दल ने स्थानीय थाने या प्रशासन को जिले में प्रवेश करने या किसी भी तरह की गतिविधि को लेकर कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। पुलिस से की बहस पुलिस ने जब संभावित विवाद और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें समझाने की कोशिश की, तो दल के सदस्य आवेश में आ गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ बहस शुरू कर दी और उग्र व्यवहार करने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मौके पर ही सभी 12 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से मिली जमानत, बॉर्डर तक छोड़ा गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को पुलिस निगरानी में चौकी लाया गया, जहाँ से उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखते हुए सभी को गुजरात बॉर्डर के पास झालोद तक पहुंचाया और वहां से विदा किया।


