माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर झारखंड के पाकुड़ जिले और आसपास के क्षेत्रों में आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने स्थानीय मंदिरों में पूजा-अर्चना की और गंगा में स्नान किया। पाकुड़ शहर के प्रमुख मंदिरों जैसे ठाकुरबारी मंदिर, दूधनाथ मंदिर, रेलवे स्टेशन मंदिर और महाकाल मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। पश्चिम बंगाल के चांदपुर, धुलियान, फरक्का और जंगीपुर में गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पाकुड़-धुलियान मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। आदिवासी समुदाय की भागीदारी उल्लेखनीय रही विशेष रूप से राजमहल में स्थित उत्तर वाहिनी गंगा में आयोजित मेले में आदिवासी समुदाय की भागीदारी उल्लेखनीय रही। लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर और अमड़ापारा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग राजमहल पहुंचे। आदिवासी समुदाय के लिए राजमहल में माघी पूर्णिमा का स्नान कुंभ स्नान के समान महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवसर पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में भी विशेष रौनक देखी गई, जहां लोगों ने पूजा सामग्री, फल और फूलों की खरीदारी की। साथ ही, संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।


