लाड़ली बहनों को सरकारी कार्यक्रम में न आने पर योजना से नाम काटने की धमकी दे चुके राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे मीडिया से बातचीत के दौरान भ्रष्टाचार को लेकर बयान देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में मंत्री ने कहा कि “थोड़ा बहुत तो हर जगह होता है”, लेकिन जो पैसा लेता है उसे वे राष्ट्रद्रोही मानते हैं। मंत्री वर्मा ने कहा कि बेईमान व्यक्ति किसी भी पद पर हो, उसकी प्रवृत्ति नहीं बदलती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बेईमान आदमी को चाहे मंत्री, तहसीलदार, इंजीनियर बना दो या मजदूरी करने को कह दो, वह अपनी आदत नहीं छोड़ता। मजदूर जब जर्दा खाता है तो पांच बार थूकता है। उन्होंने दोहराया कि जो रिश्वत लेता है, वह राष्ट्रद्रोही है “चाहे मैं हूं या कोई भी हो।” मंत्री वर्मा यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि बेईमान आदमी कहीं भी छोटे मोटे तो…..ऐसा नहीं है कि मैं दावा कर रहा हूं। कई तहसीलदार हैं जिन्हें मैंने सस्पेंड किया है। आपके यहां (राजगढ़) आया तो सस्पेंड किया। आष्टा में गया और सीमांकन पर सस्पेंड किया है। सिवनी गया, वहां भी सस्पेंड किया है। कलेक्टर पहले बोले देते हैं … ठीक कर देंगे कलेक्टर पहले बोल देते हैं कि साब, थोड़ा बहुत गलती सलती हो तो ठीक कर देंगे। मैं कहता हूं कि मुझे देखो, मैं भी काम कर रहा हूं। आप भी काम कर रहे हैं। ईमानदारी से राष्ट्रभक्ति से काम करें। मैं आपकी कृपा से आठ चुनाव जीता हूं। जनता ने विश्वास किया। शर्मा जी जानते हैं, इसी गांव का किसान हूं। मन नहीं करता है। रोटी बांधकर लाया हूं हम इंदौर जाते हैं, सर्किट हाउस में चाय आती है, नाश्ता आता है, सब मेरे यहां बंद है। अपना बांध के लाया हूं। टिफिन में रोटी बांधकर लाया हूं, जरूरत होगी तो मांग लूंगा। सरपंच के यहां मांग लूंगा। सीहोर के वीडियो में यह कहा था वर्मा ने वर्मा का सीहोर जिले के नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम का वीडियो सामने आया था। जिसमें वे कह रहे हैं कि ग्राम धामंदा में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की राशि दी जा रही है, इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति बेहद कम रहती है। वे सीईओ से बात करते हुए कहते हैं कि एक दिन सभी लाड़ली बहनों को बुलाएंगे। यदि उस दिन भी वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, तो उनकी रिपोर्ट भिजवाकर योजना से नाम कटवाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कांग्रेस शासनकाल में महिलाओं को इस तरह की कोई आर्थिक सहायता मिलती थी या नहीं। हालांकि इसके बाद अगले दिन वे बयान से पलट गए थे और कहा था कि मुख्यमंत्री द्वारा 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बहनों को सम्मानपूर्वक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना बहनों के सम्मान से जुड़ी है और इसे कोई भी समाप्त नहीं कर सकता। मैंने पहले भी और बाद में भी बहनों के सम्मान में उन्हें प्रणाम करते हुए अपनी बात रखी थी। अगर मेरे किसी बयान से ठेस पहुंची हो तो मैं खेद प्रकट करता हूं।


