जालंधर और आसपास के जिलों के रेल यात्रियों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली हाई-स्पीड ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ अब जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर भी रुकेगी। रेल विभाग ने इस ठहराव को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है, जो 2 अप्रैल 2026 से अस्थायी रूप से प्रभावी होगा। इस निर्णय से न केवल जालंधर के व्यापारियों और आम यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि जम्मू और कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी सफर काफी सुगम हो जाएगा। जालंधर को मिलने वाली यह तीसरी वंदे भारत ट्रेन है। जालंधर के लोगों द्वारा लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि दिल्ली-कटरा मार्ग पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव जालंधर में भी सुनिश्चित किया जाए। यात्रियों की सुविधा और क्षेत्र की महत्ता को देखते हुए रेलवे ने अब इसे हरी झंडी दे दी है। इस नए स्टॉपेज के जुड़ने से जालंधर के यात्रियों के पास अब राजधानी दिल्ली और धार्मिक स्थल कटरा जाने के लिए एक प्रीमियम और तेज विकल्प मौजूद होगा। रेल विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ट्रेन के समय में जालंधर कैंट स्टेशन के लिए विशेष नियम लाये गए है वंदे भारत ट्रेन नई दिल्ली से सुबह 6:00 बजे रवाना होती है। अंबाला कैंट (8:10 AM) और लुधियाना (9:19 AM) के बाद, अब यह सुबह 10:00 बजे जालंधर कैंट पहुंचेगी। यहां 2 मिनट के ठहराव के बाद 10:02 बजे यह पठानकोट के लिए प्रस्थान करेगी, जहां यह 11:15 बजे पहुंचती है। वापसी की यात्रा में यह ट्रेन पठानकोट से शाम 5:29 बजे चलेगी और शाम 6:51 बजे जालंधर कैंट स्टेशन पहुंचेगी। यहाँ से 6:53 बजे यह लुधियाना के लिए रवाना हो जाएगी। जालंधर को मिली तीसरी वंदे भारत की सौगात इस नए ठहराव के साथ ही जालंधर अब पंजाब का एक प्रमुख रेलवे हब बनकर उभरा है जिसे तीन वंदे भारत ट्रेनों की सुविधा प्राप्त है। वर्तमान में पहली वंदे भारत अमृतसर से दिल्ली के बीच चलती है, जबकि दूसरी अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के मार्ग पर अपनी सेवाएं दे रही है। अब दिल्ली-कटरा वाया जालंधर कैंट तीसरी महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। यात्रियों और व्यापारियों को होगा बड़ा लाभ जालंधर कैंट में इस ठहराव के शुरू होने से न केवल शहर बल्कि आसपास के कस्बों जैसे फगवाड़ा, होशियारपुर और कपूरथला के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा। विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए यह एक वरदान है जो कम समय में वैष्णो देवी की यात्रा पूरी करना चाहते हैं। इसके अलावा, जालंधर के खेल उद्योग और सर्जिकल इंडस्ट्री से जुड़े व्यापारियों के लिए दिल्ली तक का सफर अब और भी आरामदायक और समय बचाने वाला होगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस ठहराव से राजस्व में वृद्धि होगी और यात्रियों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिलेगा। फिलहाल यह ठहराव प्रयोग के तौर पर शुरू किया जा रहा है, जिसे यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर स्थायी किया जा सकता है।


