केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से बस्तर से जुड़े 9 अहम सवालों के जवाब मांगे हैं। कांग्रेस का कहना है कि बस्तर की जनता अब यह जानना चाहती है कि नक्सलवाद खत्म करने को लेकर मार्च 2026 तक की जो समयसीमा तय की गई थी, क्या केंद्र सरकार अब भी उस पर कायम है या फिर इसे आगे बढ़ाने की तैयारी है। कांग्रेस ने कहा कि ये वही सवाल हैं, जो पहले भी उठाए जा चुके हैं, लेकिन अब तक उन पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ और बस्तर की जनता की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इन सभी मुद्दों पर स्थिति साफ करने की मांग की है। कांग्रेस के 9 सवाल 1. बस्तर के लिए विशेष पैकेज कब मिलेगा?
कांग्रेस ने पूछा कि डबल इंजन सरकार के बावजूद बस्तर के विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए केंद्र सरकार विशेष पैकेज की घोषणा कब करेगी। क्या अमित शाह इस बार कोई ठोस घोषणा लेकर आ रहे हैं या फिर यह दौरा भी औपचारिक ही रहेगा? 2. उद्योगपतियों की एंट्री पर गारंटी देंगे?
कांग्रेस का कहना है कि बस्तरवासियों को अपने जल, जंगल और जमीन को लेकर चिंता है। क्या अमित शाह यह भरोसा देंगे कि स्थानीय लोगों की इच्छा के खिलाफ किसी बड़े उद्योगपति को बस्तर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा? 3. NMDC का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं?
लौह अयस्क बस्तर से निकलता है, लेकिन NMDC का मुख्यालय हैदराबाद में है। कांग्रेस ने सवाल किया कि जब बस्तर अब बुनियादी सुविधाओं से लैस है, तो मुख्यालय यहां लाकर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर क्यों नहीं दिए जा रहे? 4. नंदराज पहाड़ की लीज रद्द करने में देरी क्यों?
कांग्रेस ने कहा कि नंदराज पहाड़ आदिवासियों की आस्था से जुड़ा है। राज्य सरकार द्वारा लीज रद्द किए जाने के बावजूद केंद्र सरकार ने अब तक अधिसूचना जारी क्यों नहीं की? 5. नगरनार स्टील प्लांट नहीं बिकेगा—क्या आश्वासन देंगे?
नगरनार स्टील प्लांट को लेकर बस्तरवासियों की भावनाएं जुड़ी हैं। कांग्रेस ने पूछा कि इसके विनिवेश की प्रक्रिया कब रोकी जाएगी और क्या इसे न बेचने की गारंटी दी जाएगी? 6. खदानें निजी समूहों को क्यों सौंपी गईं?
कांग्रेस ने बैलाडीला और कांकेर की खदानें निजी समूहों को सौंपे जाने पर सवाल उठाते हुए इसके पीछे की वजह जाननी चाही। 7. वन अधिकार कानून में बदलाव क्यों?
2006 के वन अधिकार अधिनियम में किए गए संशोधनों को लेकर कांग्रेस ने कहा कि इससे आदिवासियों के अधिकार कमजोर हुए हैं। इन बदलावों की जरूरत क्यों पड़ी? 8. आरक्षण संशोधन विधेयक अब तक लंबित क्यों?
कांग्रेस ने सवाल किया कि राज्य विधानसभा से पारित आरक्षण संशोधन विधेयक अब तक राजभवन में क्यों लंबित है और इस पर फैसला कब होगा? 9. दल्लीराजहरा–जगदलपुर रेललाइन कब पूरी होगी?
2017-18 में शुरू हुई इस रेल परियोजना के 2021 तक पूरा होने का वादा किया गया था, लेकिन काम अब भी अधूरा है। कांग्रेस ने पूछा कि यह रेललाइन आखिर कब पूरी होगी? कांग्रेस ने कहा कि बस्तर की जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस जवाब और ज़मीनी कार्रवाई चाहती है। शाह का 2 महीने में दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा, 3 दिन रहेंगे केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह आज से छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की तय डेडलाइन नजदीक आ चुकी है। इस समयसीमा का ऐलान खुद अमित शाह ने किया था। इसके बाद से छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों के अभियान तेज हैं। डेडलाइन में अब करीब 52 दिन का समय शेष है। इस दौरान अमित शाह बस्तर में पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में शामिल होने छत्तीसगढ़ आए थे।


