केंद्र की ओर से पेश किए गए बजट को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी बघेल शनिवार को अजमेर पहुंचे। जयपुर रोड स्थित निजी होटल में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि गायों के गर्भधारण के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमन का उपयोग किया जा रहा है। जिसमें हमारा प्रयास है की नंदी महाराज पैदा ही ना हो, क्योंकि बैलों का अब उपयोग नहीं हो रहा है। राज्य मंत्री ने कहा- हल नहीं चल रहे, बैलगाड़ी नहीं चल रही, कोल्हू नहीं चल रहे, रहट नहीं चल रहे, इसलिए बैलों का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। हम छोटे थे तो बछड़ा पैदा होने पर मिठाई बांटते थे। गीत गाए जाते है। या जब किसी के घर में मौत हो जाती थी तो बछड़ा पैदा होने पर अपशकुन दूर हो जाता था। अब मशीन आने से, ट्रेक्टर आने से, थ्रेशर आने से बेल यूजलेस हो गया है। इसलिए हम कोशिश करेंगे कि नंदी महाराज पैदा ही न हो। गायों के गर्भधारण में सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग होगा तो 90 प्रतिशत बछिया ही पैदा होगी। इससे दूध की नदिया बहेगी।
बघेल बोले-10 फीसदी तो नदी रहेंगे.. केंद्रीय मंत्री से नंदी महाराज पैदा ही ना हो के बयान का सवाल करने पर उन्होंने कहा कि 10% पैदा होंगे। 90% बछिया पैदा होंगी। 10% बछड़े पैदा होंगे और 10% बछड़े का विल पर्याप्त होगा। अच्छे ब्रीड का बछड़ा होगा और उसे खरीद भी लेंगे अच्छी व्हील के लिए। मंत्री ने कहा- नंदी महाराज ज्यादा पैदा ना हो क्योंकि हल का उपयोग कम हो गया है। ट्रैक्टर ने बेलगाड़ी को समाप्त कर दिया है। अभी भी पूरा देश कृत्रिम गर्भाधान में AI का इस्तेमाल नहीं कर रहा है, परंपरागत सालों से ही गायों का गर्भधारण करवा रहा है। यह बजट विकसित भारत का रोड मैप केंद्रीय मंत्री एसपी बघेल ने कहा कि वित्त मंत्री की ओर से जो बजट पेश किया गया वह 57 लाख करोड़ का बजट है। जो सर्वव्यापी है। इसमें बीजेपी या अन्य शासित राज्यों को अलग चश्मे से नहीं देखा गया है। हर वर्ग का इस बजट में ख्याल किया गया है। यह बजट विकसित भारत का रोड मैप है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बहुत सारा काम किया गया है। मनरेगा योजना पर कांग्रेस के विरोध के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा- वह कहते हैं योजना समाप्त हो जाएगी, जैसे ही मजदूर को कम मिलेगा हमारी बात सिद्ध हो जाएगी। वह 100 दिन देते थे हम 125 दिन काम दे रहे हैं। भ्रष्टाचार पर 10000 का जुर्माना भी है। एक लाख से ज्यादा शिकायतें सामने आए थे। उन शिकायतों को दूर करने का काम किया गया है। मजदूरों के लिए एक शानदार योजना है।


