डीडवाना के राजकीय बांगड़ कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की चारों इकाइयों द्वारा तृतीय एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में सामाजिक जागरूकता, वित्तीय साक्षरता और नागरिक दायित्वों के प्रति चेतना विकसित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना को विद्यार्थियों और समाज के बीच एक सशक्त माध्यम बताया और स्वयंसेवकों को इसमें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। शिविर के मुख्य अतिथि सिक्योरिटीज मार्केट ट्रेनर और सेबी प्रतिनिधि पीयूष गहलोत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की भूमिका पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सेबी देश की सर्वोच्च नियामक संस्था है। यह शेयर बाजार, प्रतिभूति बाजार, म्यूचुअल फंड, आईपीओ, ब्रोकर और डिपॉजिटरी सहित विभिन्न वित्तीय संस्थाओं को नियंत्रित करती है।
गहलोत ने निवेशकों के हितों की सुरक्षा, बाजार के विकास, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के सेबी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को निवेश से जुड़ी सावधानियों, वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव, सही जानकारी के आधार पर निवेश करने तथा दीर्घकालीन और सुरक्षित निवेश के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। साथ ही, उन्होंने सेबी द्वारा संचालित निवेशक जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी और युवाओं से समझदारीपूर्ण वित्तीय निर्णय लेने का आह्वान किया। शिविर के समापन पर स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय स्थित एनएसएस वाटिका में श्रमदान किया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुलदीप शर्मा, डॉ. अंतिमा अग्रवाल, प्रो. आशीष जिंजवाडिया, डॉ. तृप्ति सिंघल सहित अन्य संकाय सदस्य मौजूद रहे।


