टोंक के सआदत अस्पताल में गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ाने के बाद मरीज की जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में मौत का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इसको लेकर मृतक के परिजनों ने कोतवाली में भी रिपोर्ट दी।
लेकिन सप्ताह भर बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं तो मंगलवार 11 फरवरी शाम को परिजनों ने SP को ज्ञापन देकर आरोपी डॉक्टरों और टोंक शहर की निजी ब्लड बैंक के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। प्राइवेट ब्लड बैंक से मंगवाकर चढ़ाया खून
निवाई तहसील क्षेत्र के पहाड़ी निवासी हनुमान चौधरी ने बताया कि टोडारायसिंह तहसील क्षेत्र के नारायणपुरा निवासी उसके जीजाजी हंसराज चौधरी पुत्र रामनारायण जाट की तबीयत बिगड़ने पर 4 जनवरी को सआदत अस्पताल में लेकर आए थे। अस्पताल में डॉ. संदीप राजोतिया ने उनका चेकअप किया और ब्लड की कमी बताते हुए उन्हे भर्ती कर लिया। वे 7 जनवरी तक 4 दिन सआदत अस्पताल में भर्ती रहे। इस दौरान डॉ. संदीप राजोतिया ने एक प्राइवेट प्रतिष्ठा ब्लड बैंक से 2 यूनिट ब्लड मंगवाकर चढ़ाया।
7 जनवरी को हंसराज को सआदत अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। घर जाने के बाद हंसराज की तबीयत खराब होने लगी। 9 जनवरी को तबीयत ज्यादा खराब होने पर फिर हंसराज को परिजन सआदत अस्पताल लेकर आए। जहां डॉ. राजीव यादव को दिखाया, उन्होंने हंसराज को भर्ती कर दिया। जहां 10 जनवरी से 11 जनवरी सुबह 11 बजे तक वह सआदत अस्पताल में डॉ. राजीव यादव की देखरेख में भर्ती रहे। ‘डॉक्टर ने इलाज में बरती लापरवाही’
इस दौरान डॉ. राजीव यादव ने 10 जनवरी को हंसराज चौधरी के 1 यूनिट ब्लड चढ़वाया। उसके बाद हंसराज का बायी तरफ का पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो गया। उनको सांस लेने में भयंकर दिक्कत आने लगी और वे छटपटाने लगे, इसके लिए फरियादी दौड़कर डॉक्टर पास गया, लेकिन समय पर कोई ध्यान नहीं दिया। फिर 11 जनवरी को भी उनके 1 यूनिट ब्लड चढ़ाया। ब्लड चढ़ने के दौरान उनकी तबीयत और बिगड़ गई। तब डॉक्टर राजीव यादव के पास जाकर हंसराज की तबीयत ज्यादा बिगड़ने की बात कही, लेकिन डॉक्टर राजीव यादव ने अन्य मरीज देखने में व्यस्त बताते हुए बाद में देखने की बात कही। गंभीर हालत देखकर जयपुर किया रेफर
इसके बाद फिर फरियादी हनुमान चौधरी वार्ड में गया, जहां डॉ. अंकित विजय मिले। उनसे बात की, फिर डॉक्टर अंकित विजय ने फरियादी के जीजा हंसराज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर के लिए रेफर कर दिया। जहां पर शाम को 4.30 बजे एसएमएस अस्पताल जयपुर में इमरजेंसी वार्ड में दिखाया। जहां पर उनका शुगर, ब्लड प्रेशर, ईसीजी, एमआरआई, एक्स रे आदि टेस्ट करवाए तथा ब्लड के सैंपल लेकर लेब में भेज दिया। जहां पर ब्लड कम होने के कारण 3 यूनिट ब्लड चढाने के लिए कहा। ऐसे में एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर में हंसराज का ब्लड सैंपल लेकर लेब में ब्लड ग्रुप की जांच की गई। जहां ब्लड एबी पॉजिटिव और ओ पॉजिटिव दोनों ब्लड ग्रुप आ रहे थे। SMS अस्पताल में डॉक्टर्स भी नहीं समझ पाए ब्लड ग्रुप
इस कारण डॉक्टर्स को यह समझ नहीं आया कि उनका वास्तविक ब्लड ग्रुप क्या है। तब उन्होंने एक ब्लड सैंपल संतोकबा दुर्लभ जी हॉस्पिटल जयपुर और फिर एक और ब्लड सैंपल एसएमएस अस्पताल की एडवांस लेब में जांच के लिए भेजा। इन दोनों की जांच रिपोर्ट में ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव आया। इसके अलावा एक ब्लड सैंपल एसएमएस मेडिकल कॉलेज की लेब में भी जांच के लिए भेजा गया। जहां पर भी ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव आया। SMS अस्पताल के डॉक्टर बोले- टोंक में गलत खून चढ़ाया
उसके बाद एसएमएस अस्पताल जयपुर के डॉक्टर ने बोला कि हंसराज के टोंक में गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ गया। इससे ये प्रॉब्लम हुई है। जयपुर में डॉक्टर ने इन्हे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन 18 जनवरी को सुबह 7 बजे हंसराज चौधरी का निधन हो गया। एसपी से लगाई न्याय की गुहार
फिर सप्ताह भर पहले फरियादी हनुमान चौधरी ने उसके जीजा हंसराज की मौत के लिए प्रतिष्ठा ब्लड बैंक के कर्मचारियों, डॉक्टर राजीव यादव, डॉक्टर संदीप राजोतिया को जिम्मेदार ठहराते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली टोंक में रिपोर्ट दी। लेकिन अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है। इस पर मंगलवार शाम को मृतक हंसराज के परिजनों, रिश्तेदारों ने SP विकास सांगवान को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल बोले— जांच की जा रही है
मामले को लेकर कोतवाल भंवर लाल वैष्णव ने बताया कि इस मामले का परिवाद आया था। वह जांच में है। जांच की जा रही है। जांच पूरी होते ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


