भास्कर न्यूज। धौलपुर नगर परिषद की ओर से आयोजित शरद महोत्सव में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर श्रोताओं से वाहवाही लूटी। कवि सम्मेलन के दौरान हास्य रस के कवियों ने जहां लोगों को गुदगुदाया वहीं वीर रस के कवियों ने लोगों में जोश का संचार कर दिया। कवि सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया। कवियों का सभापति खुशबू सिंह एवं आयुक्त अशोक शर्मा द्वारा स्वागत किया गया। सम्मेलन का सरस्वती वंदना के साथ शुरू किया गया। कवि कवि संजय झाला ने भष्ट्राचार पर तीखा व्यंग्य करते हुए भोलेनाथ ने कहा भष्ट्राचार से अच्छा है,जहर पी जाओ…. कविता पढ़ी। धौलपुर. मंच से कविता का पाठ करती कवयित्री भुवन मोहिनी। कवि विनीत चौहान ने मोदी सरकार पर व्यंग करते हुए बहुत हो चुका चुका मोदी जी,इनको समझाना बंद करो, आस्तीन के सब सांपो को दूध पिलाना बंद करो.. कविता पढ़ी तो श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाई। कवि रविंद्र रवि ने सभी को इस जमाने में सभी चीजें नहीं मिलती,किसी बाजार में अनमोल तहजीबें नहीं मिलती.. कविताएं सुनाई। कवि पदम गौतम ने भक्ति भाव में डूबे तो हम बैरागी हो जाते हैं, गीत की प्रीति में खो कर के हम अनुरागी हो जाते हैं… को सुनाकर श्रोताओं की दिल को छू लिया। श्रृंगार रस की कवयित्री ने चल चल चल परदेसी… एवं हो गई हो गई रे दुनिया बावरिया… एवं सोशल मीडिया पर युवाओं की अधिक जुड़ाव को लेकर डीपी जिसकी देख-देखकर होते रहे निहाल जिसको 16 साल की समझा निकली 70 साल.. जैसी कविताओं पढ़कर श्रोताओं को तालियों के लिए मजबूर कर दिया। वहीं कवि मनोज बैचेन ने शहर में मेरा दम घुटता है,मेरा गांव मुझे लौटा दो.. कविता सहित अन्य कविताओं का गायन किया। कवि मेघश्याम मेघ ने झुमके में अटके है,काट तक लटके हैं खट खट खटके हैं, लट से हुकुम के.. कविता सुनाई और कवि सुनील व्यास ने चालीस रुपए की फटी बनियान पहनने के बावजूद करोड़ों की इज्जत कमाना पिता ने सिखाया.. कविता सुनाई। कवि संजय झाला ने संचालन किया। कवि सम्मेलन रात करीब 2 बजे तक चला। धौलपुर. कार्यक्रम के दौरान मौजूद आयुक्त, सभापति सहित अन्य श्रोता।


