खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरसूद में किल्लौद और हरसूद विकासखंड के स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान गर्भावस्था में महिलाओं की कम से कम 4 बार स्वास्थ्य जांच न करने, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का सही प्रबंधन न करने और असंचारी रोगों पर रोक में लापरवाही बरतने पर तीन कर्मचारियों का एक-एक माह का वेतन काटने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर गुप्ता ने कहा कि जिन क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रगति कम है, वहां विशेष शिविर लगाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का स्वास्थ्य परीक्षण समय रहते किया जाए। आयुष्मान कार्ड और मोतियाबिंद ऑपरेशन पर जोर उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए ताकि गरीब परिवारों के सदस्य बड़े शहरों के प्राइवेट अस्पतालों में निशुल्क उपचार करा सकें। साथ ही, मोतियाबिंद के अधिक से अधिक मरीजों की पहचान कर निशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था की जाए। कुपोषित बच्चों के लिए खाली न रहें पलंग कलेक्टर ने कहा कि पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) में कभी भी पलंग खाली न रहे और सभी कुपोषित बच्चों को केंद्र की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। ग्राम स्तर पर सीएचओ (CHO) के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। नवनिर्मित भवन का लिया जायजा बैठक से पहले कलेक्टर ने हरसूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. ओपी जुगतावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


