भिलाई के सेक्टर 5 स्थित गणेश मंदिर के सामने पूजा के लिए लगाया गया पंडाल अचानक भरभराकर गिर गया। इससे रास्ते से गुजर रही महिला और बुजुर्ग सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी के मुताबिक सेक्टर 5 में श्री सिद्धि विनायक मंदिर है। उस मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ किया गया है। मंदिर समिति के द्वारा इस उपलक्ष्य में 26 जनवरी से 3 फरवरी तक श्री सिद्धि विनायक मंदिर सेक्टर 5 भिलाई जीर्णोद्धारण स्वर्णबंधन महाकुंभाभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। तीन फरवरी को कार्यक्रम समाप्त हो गया, लेकिन टेंट वाले ने सड़क मार्ग में लगे टेंट को समय पर नहीं हटाया। बुधवार को टेंट हाउस संचालक अपने कर्मचारियों को लेकर टेंट को खोल रहा था। इस इस दौरान उसने रोड को ब्लॉक नहीं किया और वहां से लोगों का भी आना जाना लगा रहा। टेंट खोलने के दौरान अचानक लोहे के हवी स्ट्रक्चर का बैलेंस बिगड़ गया और टेंट भरभराकर सड़क पर गिर गया। इसी दौरान वहां से एक महिला स्कूटी में और एक बुजुर्ग साइकिल से जा रहे थे। वो लोग गिरते हुए स्ट्रक्चर की चपेट में आ गए। इसके साथ ही दो लोग टेंट हाउस संचालक के कर्मचारी भी चोटहिल हो गए। लोगों को काफी गहरी चोट आई। तुरंत डायल 112 को फोन किया। पुलिस पहुंची, देखा कि महिला का पूरा सिर फट गया है। एक गर्ड ने अपने गमछे से उसका रिस बांधा, लेकिन ब्लड इतना गिर रहा था कि रुकने का नाम नहीं ले रहा था। महिला सहित अन्य घायलों सुपेला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को दुर्ग जिला अस्पताल रेफर कर दिया। गरीब का फटा सिर टूटी साइकिल स्टेशन मरोदा निवासी राहुल यादव ने बताया कि वो नेहरू नगर में ड्यूटी करता है। ड्यूटी करके बुधवार दोपहर वापस अपने घर साइकिल से जा रहा था। उसने देखा कि टेंट खोलने का काम चालू है, लेकिन लोगों की आवाजाही हो रही थी तो वो भी वहीं से निकल गाय। अचानक पूरा टेंट का फ्रेम भरभराकर उसके ऊपर गिर गया। इससे उसकी साइकिल टूट गई और उसके सिर और कंधे में काफी चोट आई है। टेंट हाउस और मंदिर संमिति की पूरी गलती घायलों का कहना है कि इस दुर्घटना के लिए मंदिर समिति के लोग और टेंट हाउस संचालक जिम्मेदार है। जब उनका कार्यक्रम 3 फरवरी को समाप्त हो गया था तो 9 दिन तक इतना बड़ा टेंट सड़क में लगाकर क्यों रखा गया। सड़क में लगे हैवी टेंट को खोलने से पहले पुलिस की परमीशन लेकर सड़क को ब्लॉक क्यों नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि इस दुर्घटना के लिए मंदिर समिति के लोग और टेंट हाउस संचालक जिम्मेदार है। उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।


