नागौर में जिले के गुड़ला से हरिमा तक स्वीकृत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क को राजस्व (कटाणी) रास्ता घोषित करने व गोचर जमीन बचाने की मांग कर रहे ग्रामीणों ने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए विशेष तरीका अपनाया। गुड़ला व मालगांव के ग्रामीण ढोल बजाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पिछले 8 माह में इन गांवों के ग्रामीणों की ओर से दिए गए 40-50 ज्ञापनों की प्रतियां एक धागे में पिरोकर ‘बंधनवार’ के रूप में कलक्ट्रेट के पार्क की रैलिंग पर टांग दिए। ग्रामीणों ने मंगलवार को सौंपे ज्ञापन में बताया कि वे मई 2024 से लगातार गुड़ला से हरिमा तक बन रही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर मालगांव से पहले गुड़ला की तरफ राजस्व रास्ता बनाने व गोचर जमीन बचाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार ज्ञापन देने के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी सड़क को कटाणी रास्ता खसरा संख्या 404 को छोड़कर पास की गोचर जमीन में सड़क बनाकर गोचर जमीन के 2 हिस्से करने की तैयारी में हैं। इसके विरोध में ग्रामीण 13 फरवरी से अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे, इसकी अनुमति के लिए ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने के दौरान ग्रामीण शैतानराम, कैलाश, हीराराम, डालाराम, कपिल सहित काफी ग्रामीण शामिल हुए। गांव के दूसरे पक्ष के पुखराज भोबिया ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण पीडब्लूडी विभाग के अनुसार चिन्हित स्थान पर करवाया जाए। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने गुड़ला, मालगांव, भदाना, हरिमा ग्रामीण सड़क को अपग्रेड करने की स्वीकृति दी है और यह सड़क पहले से बनी हुई है, इसका नवीनीकरण करना है। गांव के कुछ लोग निजी हित के लिए पहले बनी सड़क के स्थान पर दूसरी जगह सड़क बनवाना चाहते हैं। इसे लेकर विपक्षी लोगों ने नागौर के सिविल न्यायालय में वाद दायर किया था, लेकिन न्यायालय ने उनका प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। इसके बावजूद नए-नए हथकंडे अपनाकर राजकार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं।


