लुधियाना के जगराओं के लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर शनिवार को तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पीडीएफए डेयरी एवं कृषि एक्सपो 2026 का शानदार आगाज हुआ। उद्घाटन समारोह में पीडीएफए प्रधान दलजीत सिंह सदरपुरा, किसान आयोग सदस्य बलविंदर सिंह सिद्धू और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से झंडा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस एक्सपो के पहले ही दिन पंजाब के अलावा राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल और बिहार जैसे कई राज्यों से भारी संख्या में किसान और पशुपालक पहुंचे, जो इसकी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। इस वर्ष नस्ल सुधार और दूध उत्पादन प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड आवेदन प्राप्त हुए हैं। आयोजन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कनाडा और हॉलैंड से चार अंतर्राष्ट्रीय जजों की विशेष टीम बुलाई गई है। पीडीएफए के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधान दलजीत सिंह ने बताया कि पिछले 18 वर्षों में डेयरी उद्योग में आए क्रांतिकारी बदलावों के कारण अब युवा, महिलाएं और एनआरआई (NRI) भी इस क्षेत्र को एक सफल व्यवसाय के रूप में अपना रहे हैं। दुग्ध उत्पादकों को मिला सम्मान एक्सपो के दौरान फिरोजपुर जिले के गांव तलवंडी मांगे खां स्थित भुल्लर डेयरी फार्म को वर्ष 2026 का ‘बेस्ट डेयरी फार्मर’ खिताब देने की घोषणा की गई। फार्म संचालक रेशम सिंह भुल्लर (जीरा) और सिमरजीत सिंह भुल्लर को आधुनिक प्रबंधन और नस्ल सुधार के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। महज एक साल के भीतर इस फार्म ने वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर अपना दैनिक दूध उत्पादन 2800 लीटर तक पहुँचा दिया है। पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आयोजन के पहले दिन किसान आयोग के सदस्य बलविंदर सिंह सिद्धू ने पीडीएफए के ईमानदार प्रयासों की प्रशंसा की, जिससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। इस अवसर पर इंद्रजीत सिंह सरां, राजपाल सिंह कुलार और अन्य प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। यह प्रदर्शनी न केवल नई तकनीकों के आदान-प्रदान का माध्यम बनी है, बल्कि इसने भारत को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई है।


