बागेश्वर धाम में बनेगा 100 बिस्तरों का कैंसर अस्पताल:200 करोड़ लागत का अनुमान, बनने में 3 साल लगेंगे; पीएम करेंगे भूमिपूजन

छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में 100 बिस्तरों वाला मल्टी स्पेशियलिटी कैंसर हॉस्पिटल बनेगा। इसका भूमिपूजन पीएम नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को करेंगे। 200 करोड़ की लागत से बनने वाला ये अस्पताल अगले 3 साल में तैयार हो जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अस्पताल के लिए 25 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसका नाम बालाजी सरकार कैंसर इंस्टीट्यूट रखा जाएगा। यहां जर्मनी और इंग्लैंड के डॉक्टर भी सेवाएं देंगे। गरीब मरीजों का इलाज निशुल्क किया जाएगा। फंड की व्यवस्था कथा से मिलने वाली राशि और दानदाताओं द्वारा की जाएगी। अस्पताल का डिजिटल 3डी मैप भी सामने आया है। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अस्पताल की सुविधाओं के बारे में भास्कर से चर्चा की, पढ़िए रिपोर्ट… तीन साल में पहले चरण का निर्माण
पं. शास्त्री ने बताया कि अस्पताल के पहले चरण का निर्माण कार्य भूमिपूजन के बाद शुरू हो जाएगा। इसे पूरा करने के लिए तीन साल का लक्ष्य रखा गया है। इसकी लागत करीब 200 करोड़ रुपए आएगी। इसे चार चरणों में बनाया जाएगा। अस्पताल परिसर में श्री बालाजी देवस्थान भी होगा। मरीजों और अटेंडर के लिए खाने से लेकर रहने तक की सभी सुविधाएं रहेंगी। पैरामेडिकल स्टाफ के लिए धाम के बच्चों को ट्रेनिंग
पैरामेडिकल स्टाफ जैसे- रेडियोलॉजी समेत अन्य स्पेशलाइजेशन के लिए धाम के बच्चों को अलग-अलग मेडिकल इंस्टीट्यूट में एडमिशन दिलाया गया है। किसी को सर्जरी, किसी को कीमो तो किसी को रेडियोलॉजी की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका खर्च बागेश्वर परिवार ही उठा रहा है। दक्षिणा और चढ़ोतरी भी देंगे पं. धीरेंद्र कृष्ण
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि फंड के लिए देश-विदेश में मौजूद शिष्यों से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा, दानदाताओं से भी मदद ली जाएगी। थोड़े-थोड़े सहयोग से बड़ा अमाउंट इकट्‌ठा हो जाएगा। पहला चरण पूरा होने के बाद मेडिकल कॉलेज भी बनेगा। धाम से जुड़े लोगों ने सहमति भी दे दी है। बागेश्वर धाम ट्रस्ट समिति करेगी संचालन
पंडित धीरेंद्र कृष्ण ने बताया कि अस्पताल का संचालन बागेश्वर धाम ट्रस्ट समिति करेगी। अन्य संचालन के लिए कमेटियां गठित की जाएंगी, जो मैनेजमेंट देखेगी। देश के 4-5 ग्रुप के साथ सामूहिक रूप से मल्टी कमेटी बनाई जाएगी, जो वहां से भी वॉच कर सके। समय-समय पर जर्मनी और इंग्लैंड के डॉक्टर भी सेवाएं देंगे। कमेटी इन डॉक्टरों के कॉन्टैक्ट में रहेगी। अनुबंध के बाद संचालन अन्य ग्रुप को भी सौंपा जा सकता है, जैसे मेदांता या बिरला ग्रुप हैं। डॉक्टरों के लिए तीन लेवल पर व्यवस्था पहली – मेदांता, शंकर हॉस्पिटल, बिरला जैसे ग्रुप से अनुबंध किया जाएगा। इनके स्पेशलिस्ट डॉक्टर बतौर कंसल्टेंट काम करेंगे।
दूसरी – देश-विदेश में धाम से जुड़े डॉक्टरों से संपर्क किया जाएगा। ये डॉक्टर समय-समय पर यहां सेवाएं देंगे।
तीसरी – जिस तरह प्राइवेट अस्पतालों में नियुक्ति होती है, उसी तरह यहां भी डॉक्टर और स्टाफ नियुक्त होगा। गरीब मरीजों को मिलेगा निशुल्क इलाज
अस्पताल में गरीब मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाएगा। पात्र मरीजों की पहचान के लिए कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी ऐसे मरीजों की पहचान कर अनुशंसा करेगी। जर्मनी के डॉक्टर बागेश्वर धाम में रह रहे
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि जर्मनी के डॉक्टर एंजेल बच्चों के कैंसर स्पेशलिस्ट हैं। डॉ. एंजेल ने बागेश्वर धाम में रहना शुरू कर दिया है। जर्मनी में प्रॉपर्टी बेचकर यहां जमीन लेकर आशियाना बना लिया है। हॉस्पिटल के लिए विदेश में बसे शिष्यों को आमंत्रण भी दिया जा रहा है। हॉस्पिटल के डॉक्टर्स के रहने के लिए भवन भी बनाए जाएंगे। ये भी पढ़ें… मोदी बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का भूमिपूजन करेंगे भोपाल में 24 और 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पीएम 23 फरवरी को छतरपुर के बागेश्वर धाम में बनने वाले कैंसर अस्पताल का भूमिपूजन करेंगे। वे रात्रि विश्राम भोपाल में करेंगे। यह जानकारी मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी। पढ़ें पूरी खबर…

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