केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने मंगलवार को रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय बजट 2024-25 की प्रमुख घोषणाओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट विकसित भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के किसानों, व्यापारियों, आदिवासियों और युवाओं को इससे सीधा लाभ मिलेगा। उन्होने बताया कि जनजातीय बजट अब 46% बढ़ गया है और 8 प्रमुख सेक्टर में 3 करोड़ नई नौकरियां होंगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के 10 लाख युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। केन्द्रीय मंत्री ने बजट से छत्तीसगढ़ को होने वाले फायदे बताए जनजातीय बजट में 46% की वृद्धि – अब यह ₹10,237.33 करोड़ से बढ़कर ₹14,925.81 करोड़ हो गया है, जिससे 75 लाख आदिवासियों को सीधा फायदा मिलेगा। किसान क्रेडिट कार्ड – KCC की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है, जिससे 27 लाख किसानों को राहत मिलेगी। MSME सेक्टर को मजबूत किया गया – इसमें क्रेडिट गारंटी सीमा ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ की गई है। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक व्यापारियों को फायदा होगा। आयकर में बड़ी राहत – अब 12 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। इससे छत्तीसगढ़ के 12 लाख करदाताओं को सीधा लाभ मिलेगा। रोजगार के नए अवसर – 8 प्रमुख सेक्टर में 3 करोड़ नौकरियों का सृजन होगा। छत्तीसगढ़ के 10 लाख युवाओं को इससे रोजगार मिलने की संभावना है। शहरों का पुनर्विकास – इसके लिए ₹1 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ के कई शहरों को फायदा मिलेगा। एकलव्य आदिवासी विद्यालय – इसका बजट ₹4,748 करोड़ से बढ़ाकर ₹7,088.60 करोड़ किया गया है। इससे आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। छत्तीसगढ़ को टैक्स शेयर में 10 साल में 380% की वृद्धि – कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य को ₹47,000 करोड़ मिले थे, जबकि मोदी सरकार ने ₹2.26 लाख करोड़ दिए हैं। जोशी ने कहा कि यह बजट किसानों, व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर लाएगा और छत्तीसगढ़ के विकास को गति देगा।


