हरदा जिला मुख्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में शनिवार शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। प्रभारी प्राचार्य डॉ. संगीता बिले को हटाने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने उनके कक्ष के बाहर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। कॉलेज परिसर में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन देर रात तक प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ। कार्यकर्ता अपनी मांग मनवाने पर अड़े
जानकारी के अनुसार, ABVP कार्यकर्ताओं का धरना चार घंटे से अधिक समय तक जारी रहा। सूचना मिलने पर तहसीलदार राजेंद्र पंवार और एसडीएम अशोक डेहरिया कॉलेज पहुंचे और छात्रों व प्राचार्य से अलग-अलग चर्चा कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। इसके बावजूद कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे और स्पष्ट किया कि जब तक प्रभारी प्राचार्य को नहीं हटाया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान एसडीओपी शालिनी परस्ते और थाना प्रभारी रोशनलाल भारती भी मौके पर मौजूद रहे। ABVP नेता बोले- लगातार ज्ञापन दे रहे
ABVP नगर मंत्री शुभम ढोके ने बताया कि पिछले छह महीनों से कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर लगातार ज्ञापन दिए जा रहे थे। इनमें कक्षाओं की नियमित सफाई, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन मशीन और स्टाफ की समय पर उपस्थिति जैसी मांगें शामिल थीं। उनका आरोप है कि समस्याओं को लेकर जब प्रभारी प्राचार्य से चर्चा की गई तो उन्होंने अभद्र व्यवहार किया और किसी भी मांग का समाधान नहीं किया गया, जिससे छात्र मजबूर होकर धरने पर बैठे। मंत्री के निरीक्षण के बाद से चल रही तनातनी
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार द्वारा कॉलेज निरीक्षण के दौरान लाइब्रेरी में अव्यवस्थाएं पाई गई थीं। इस पर नाराजगी जताते हुए जेडी कार्यालय की ओर से ग्रंथपाल को नोटिस जारी किया गया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद से प्रभारी प्राचार्य डॉ. संगीता बिले और ग्रंथपाल के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। ABVP के धरने को इसी विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हटाने की मांग पर चर्चा जारी
एसडीएम अशोक डेहरिया ने बताया कि ABVP कार्यकर्ताओं की ओर से प्रभारी प्राचार्य को हटाने की मांग रखी गई है, जिस पर संबंधित स्तर पर चर्चा की जा रही है। फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं, प्रभारी प्राचार्य डॉ. संगीता बिले ने कहा कि वे कॉलेज में व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने किसी राजनीतिक षड्यंत्र की बात से इनकार किया, हालांकि पूरे मामले पर अधिक टिप्पणी करने से बचती नजर आईं।


