कटनी के बरही थाना क्षेत्र में एक 51 वर्षीय व्यक्ति पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के 22 घंटे बाद भी पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज नहीं किए हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बरही के वार्ड नंबर 3 के निवासी संपत चौधरी शुक्रवार रात करीब 9 बजे घर लौट रहे थे। रास्ते में कुछ युवकों ने उनके सिर पर पीछे से पत्थर मार दिया। जब संपत ने वहां खड़े जटिल और सागर नाम के युवकों से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर हमले में संपत के सिर और शरीर पर काफी चोटें आईं। उन्हें तुरंत बरही के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहा से हालत गंभीर होने पर उन्हें कटनी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. राममणि पटेल ने पुष्टि की है कि मरीज के पहुंचते ही पुलिस को लिखित सूचना (तहरीर) भेज दी गई थी। पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल घटना को लंबा समय बीतने के बाद भी कार्रवाई न होने पर पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है- थाना प्रभारी का तर्क: बरही थाना प्रभारी का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी ही नहीं मिली, इसलिए बयान दर्ज नहीं हुए। परिजनों का दावा: पीड़ित के बेटे और बेटी का कहना है कि वे तुरंत शिकायत करने थाने गए थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से वापस भेज दिया। अस्पताल की रिपोर्ट: अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि उन्होंने समय पर पुलिस को जानकारी दे दी थी। एएसपी ने दिए जांच के आदेश मामले के तूल पकड़ने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. संतोष कुमार डेहरिया ने कहा है कि बयान दर्ज करने में हुई देरी की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पुलिसकर्मियों की ओर से लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


