कृषि उत्पादकों को बिक्री केंद्र के लिए नोवामुंडी बाजार को किया जाएगा व्यवस्थित : उपायुक्त

भास्कर न्यूज| चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत कृषि, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, भूमि संरक्षण व गव्य विकास प्रक्षेत्र के विविध पहलुओं को सशक्त बनाते हुए ग्रामीण स्तर पर उपरोक्त आधारित कार्यक्रमों को गति प्रदान कर संबंधित ग्रामीणों की आय व आजीविका को बढ़ाने को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने जिले के सभी 18 प्रखंड में भूमि संरक्षण विभाग के तहत आच्छादित स्वयं सहायता समूह अथवा किसान उत्पादक समूह व वर्तमान में उनके पास उपलब्ध कृषि यंत्र और कृषि कार्यों को आसान बनाने हेतु क्षेत्र स्तर पर आवश्यक कृषि यंत्र, सभी की सूची एवं संबंधित प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि प्रखंडवार संलग्न समूह को इस शर्त पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे कि संलग्न समूह अपने क्षेत्र के किसानों को निर्धारित दर पर कृषि उपकरण सिर्फ कृषि कार्यों के लिए किराए पर देंगे। इसके अलावा जिले में सब्जी उत्पादन को बढ़ाने एवं उत्पादकों को जिले में ही बेहतर बीज व सब्जी पौधा उपलब्ध कराने हेतु क्षेत्रानुसार हाईटेक पॉलीहाउस नर्सरी का संचालन के लिए आवश्यक तीन एकड़ जमीन को चिह्नित करने एवं संबंधित कार्य का प्राक्कलन तैयार करने के लिए भी निर्देशित किया गया। बैठक में हॉर्टिकल्चर क्लस्टर डेवलपमेंट के तहत जिले में अनुकूलित वातावरण दृष्टिकोण से 5 फल, जैसे नारंगी, केला, कटहल, सरीफा आदि का उत्पादन बढ़ाने एवं स्थानीय स्तर पर ही इनका प्रोसेसिंग से संबंधित विषय पर चर्चा के क्रम में उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं डीएमएफटी पीएमयू, संयुक्त रूप से उत्पादन क्षेत्र का एवं इसके वर्तमान उत्पादन क्षमता, बाजार मूल्य आदि का भौतिक सत्यापन कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से जिले में कृषि क्षेत्र में वृद्धि और साल भर खेती कार्यों को संचालित रखने से संबंधित विषयों पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया। इसके अलावा उपायुक्त द्वारा कृषि उत्पादकों को बिक्री केंद्र उपलब्ध कराने के निमित्त नोवामुंडी स्थित हाट को व्यवस्थित व विकसित बनाने के संदर्भ में भी आवश्यक निर्देश दिया गया। इस क्रम में बताया गया कि जिले में राज्य योजना अंतर्गत प्रायोगिक तौर पर 15 किसानों को मोती उत्पादन कार्य से भी जोड़ा गया है। बैठक में मत्स्य प्रक्षेत्र अंतर्गत मत्स्य किसानों एवं मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि के संदर्भ में उपायुक्त के द्वारा मत्स्य पदाधिकारी से जिला अंतर्गत वर्तमान में जारी मत्स्य पालन कार्यों तथा मत्स्य पालकों को उपलब्ध हो रहे मत्स्य बीज,स्पॉन,फीशफीड आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए स्थानीय स्तर पर मत्स्य किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु जिले में मत्स्य बीज,स्पॉन व फीशफीड,हैचरी अथवा मुर्गा पालन हेतु पोल्ट्री फीड आदि तैयार करने की अनुकूलता पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जिले में केज कल्चर के माध्यम से मछली पालन अंतर्गत 100 नए परिवारों को जोड़ने का निर्देश भी दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त प्रवीण केरकट्टा सहित जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, डीएमएफटी पीएमयू व अन्य उपस्थित थे।

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