कुछ समय बाद छात्र, उसकी मां और बहनें गुस्से में ट्यूशन सेंटर पहुंचीं और बदसलूकी के आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। शोर सुनकर पीडि़ता के पति और बहन मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने अपने अन्य परिजनों को भी बुला लिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर ऑफिस में घुसकर स्टाफ के साथ मारपीट की, पीडि़ता को बंधक बनाया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर बेइज्जत किया। पीडि़ता की शिकायत पर थाना पीएयू पुलिस ने छात्र, उसकी मां रीतिका धीर समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी सतनाम सिंह ने बताया कि शिकायत के बाद सीसीटीवी फुटेज देखी गई, जिसमें टीचर के साथ मारपीट होती नजर आई। वीडियो और बयानों के आधार पर केस दर्ज किया गया है, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं जब स्टूडेंट के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने पूरा दिन अपने फोन स्विच-ऑफ रखा। जिस वजह से उनसे बात नहीं हो पाई। भास्कर न्यूज |लुधियाना एबीएस मार्केट स्थित एक ट्यूशन सेंटर में 9वीं के छात्र को परीक्षा की तैयारी करने की सलाह देना टीचर को महंगा पड़ गया। छात्र ने गुस्से में परिजनों के साथ मिलकर टीचर और स्टाफ के साथ मारपीट करवाई। मामला 3 फरवरी की शाम का है। पीड़िता सोनिया अरोड़ा वासी उपकार नगर, सिविल लाइंस ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति सचिन अरोड़ा और बहन ज्योति प्रीत राय के साथ मिलकर एबीएस मार्केट की दूसरी मंजिल पर ‘विद्या विंग एसएसएफ’ नाम से ट्यूशन सेंटर चलाती हैं। उनके यहां 9वीं कक्षा का 14 वर्षीय छात्र पिछले 15-20 दिनों से नहीं आ रहा था। इस पर उन्होंने उसकी मां रीतिका धीर को फोन किया तो उसने बताया कि बेटा बीमार है। 3 फरवरी को उन्होंने छात्र को सेंटर के बाहर संदिग्ध हालत में देखा और उसे पढ़ाई पर ध्यान देने व घर जाकर फाइनल परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी। इस बात से नाराज होकर छात्र घर गया और अपनी मां व बहनों को सारी बात बताई।


