भास्कर न्यूज |लुधियाना शहर की सभी तहसीलों में इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी तरह चरमराई हुई है। हालात यह हैं कि दो महीने पुरानी फाइलें अब तक सिस्टम में अपलोड नहीं हो पाई हैं, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इंतकाल न चढ़ने से लोग बैंक से लोन नहीं ले पा रहे हैं और कई मामलों में खरीदार व विक्रेता के बीच हुए सौदे अटककर रह जा रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कतें पश्चिमी रजिस्ट्री कार्यालय में सामने आ रही हैं, जहां करीब 950 से अधिक इंतकाल लंबित पड़े हुए हैं। पीड़ित लक्की चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले अपना प्लॉट रजिस्टर्ड करवाया था, लेकिन अब तक इंतकाल दर्ज नहीं हो पाया है। रजिस्ट्री कार्यालय और पटवारी कार्यालय के लगातार चक्कर काट-काट कर वे थक चुके हैं, कोई कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं देता। उन्होंने कहा कि जब तक इंतकाल दर्ज नहीं होता, बैंक लोन नहीं मिलता और उन्हें तत्काल लोन की जरूरत है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर तहसील के निवासी प्रकाश कुमार ने बताया कि उनकी रजिस्ट्री को तीन महीने से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इंतकाल दर्ज नहीं किया गया। हर बार कर्मचारी “कंप्यूटर खराब होने” का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बचते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलों में अब भी वही पुराने रजिस्ट्री क्लर्क काम कर रहे हैं, जबकि पंजाब सरकार ने पुराने कर्मचारियों को हटाकर नई भर्ती करने की बात कही थी। हकीकत यह है कि आज भी सभी तहसीलों में पुराने रजिस्ट्री क्लर्कों का ही दबदबा है और उनकी मर्जी के बिना कोई काम नहीं होता। मामले में डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बताया कि पश्चिमी तहसील के नायब तहसीलदार बीमार हो गए थे, जिस कारण इंतकाल दर्ज करने में देरी हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सोमवार को नए नायब तहसीलदार को चार्ज सौंप दिया जाएगा और जल्द ही लंबित इंतकाल के मामलों का निपटारा कर दिया जाएगा।


