भास्कर न्यूज | हजारीबाग हजारीबाग नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पार्किंग शुल्क वसूले जाने से आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। अस्पताल, बैंक, पोस्टऑफिस, कचहरी रोड समेत दो दर्जन से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर प्रति मोटरसाइकिल 10 रुपए व चार पहिया वाहनों से 20 रुपए के हिसाब से शुल्क लिया जा रहा है। इससे आम लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति कचहरी रोड और पुराने समाहरणालय परिसर में देखने को मिल रही है, जहां न्याय, प्रशासनिक कार्य और जरूरी दस्तावेजों से जुड़े कामों के लिए आने वाले लोगों से भी पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। कई लोगों को एक ही दिन में अस्पताल, बैंक और कचहरी जैसे कई स्थानों पर जाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें कई जगहों पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं के लिए बनाए गए स्थलों को कमाई का जरिया बना दिया गया है। पहले जहां लोग बिना किसी शुल्क के अपने जरूरी काम निपटा लेते थे, अब हर जगह जेब ढीली करनी पड़ रही है। निगम को लोगों से कोई मतलब नहीं बरकट्ठा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी बटेश्वर प्रसाद मेहता कहते है नगर निगम को आम लोगों से कोई मतलब नहीं है। शहरवासी वाहन शुल्क से परेशान है। शहर में आप जिधर नजर दौड़ाए नगर निगम के लोग शुल्क वसूले देखे जा सकते हैं। यह जनता के साथ क्रूर मजाक है। आगे उन्होंने कहा कि नगर निगम को इस विषय पर जनहित में पुनर्विचार करना चाहिए, ताकि आम आदमी को राहत मिल सके। जनता उम्मीद कर रही है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करेगा।


