सिवनी में महिला टीचर ने छात्राओं से पैर दबवाए:शिकायत करने पहुंचे परिजनों से बोलीं- पढ़ाने लायक नहीं, तो हटवा दो

सिवनी में महिला टीचर का छात्राओं से पैर दबवाने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वीडियो में टीचर सुजाता मड़के कुर्सी पर बैठी 6-7 छात्राओं से पैर दबवाती हुई दिख रही हैं। वीडियो 10-15 दिन पुराना बताया गया। बुधवार को इसके सामने आते ही आदिवासी जनजाति विभाग की क्षेत्र संयोजक पूजा उइके ने मामले को जांच में लिया। मामला जिले के डूंडा सिवनी थाना क्षेत्र के जनता नगर के आदिवासी आश्रम का है। महिला टीचर को आज निलंबित किया गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया एक्स पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, भाजपा सरकार में आदिवासियों का सम्मान तो कभी नहीं हुआ, अब देवी समान बेटियों का भी अपमान किया जा रहा है। ​टीचर बोली- गलत इल्जाम लगाए जा रहे
घटना की जानकारी मिलते ही गुस्साए परिजन महिला टीचर सुजाता मड़के से बात करने पहुंचे। टीचर ने कहा फाउंडेशन लिट्रेसी एंड न्यूमेरिसी की ट्रेंनिग हुई है, जिसमें बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देना सिखाया जाता है। मुझ पर गलत इल्जाम लगाया जा रहा है। मैं बच्चों को गणित की पढ़ाई करा रही थी। बच्चियां मेरी उंगलियां और टेबल के नीचे रखे पत्थर गिन रही थीं। यदि आपको लगता है कि मैं आपके बच्चों को पढ़ाने लायक नही हूं तो हटा दीजिए। महिला टीचर को किया निलंबित
मामला सामने आने के बाद शिक्षिका को आदिवासी जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सतेंद्र मरकाम ने निलंबित कर दिया है। पहले भी निलंबित हो चुकी टीचर
पहले जब महिला टीचर सुजाता मड़के कुरई छात्रावास में अधीक्षिका के पद पर थी। तब अनियमितता के आरोप में उन्हें 6 जून 2024 को निलंबित किया था। हालांकि, ढाई माह पहले बहाल होने के बाद आदिवासी आश्रम कार्यरत हो गई थीं। यह खबर भी पढ़ें… एमपी के 35 प्राइवेट स्कूलों के टीचर हो गए सरकारी मध्यप्रदेश में सुर्खियों में रहने वाले स्कूल शिक्षा विभाग का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। विभाग प्राइवेट स्कूलों के टीचरों को साल 2002 से सैलरी के साथ इन स्कूलों को विकास के लिए फंड भी दे रहा है। आरोप है कि ऐसे 35 स्कूलों को फायदा मिल रहा है। पूरी खबर पढ़ें

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