रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) को शिक्षक और कर्मचारियों की कमी का एक बार फिर नुकसान उठाना पड़ा है। 7 साल बाद हुए राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायण परिषद (नैक) ग्रेडिंग में संस्थान को बी ++ग्रेड मिला है। रांची यूनिवर्सिटी को नैक ने 4 में से 2.81 अंक दिए हैं। 2017 में आरयू को 2.80 अंक ही मिले थे। नैक पांच साल के लिए मूल्यांकन करता था। 2022 में ग्रेडिंग नहीं होने से तीन साल पहले ही रांची यूनिवर्सिटी का नैक ग्रेडिंग की अवधि समाप्त हो गई थी। इससे पहले नैक की छह सदस्यीय टीम ने पांच से सात दिसंबर तक रांची यूनिवर्सिटी मुख्यालय, पीजी आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स डिपार्टमेंट समेत पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण किया था। टीम के चेयरमैन कर्नल प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत थे। टीम के सदस्यों ने निरीक्षण के बाद रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर नैक ने रांची यूनिवर्सिटी को बी++ ग्रेडिंग दी है। नैक के निरीक्षण के लिए रांची यूनिवर्सिटी प्रबंधन पिछले छह माह से तैयारी कर रहा था। लेकिन, उम्मीद के अनुसार ग्रेडिंग नहीं मिला। यूनिवर्सिटी प्रशासन को भरोसा था कि इस बार नैक द्वारा ए ग्रेड दिया जाएगा। क्योंकि, यूनिवर्सिटी मुख्यालय, पीजी विभाग, लैब, लाइब्रेरी के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया था। शिक्षक भी बताते हैं कि रांची यूनिवर्सिटी में पहली बार इस तरह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने से बी++ ग्रेड ही मिला। शिक्षक-कर्मी की भर्ती हुई होती तो बढ़ते अंक रांची यूनिवर्सिटी में पिछले तीन दशक से कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। कर्मचारियों के लगभग 70 प्रतिशत पद खाली हैं। वहीं, पिछले सात साल से स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। शिक्षकों के करीब 40 प्रतिशत पद खाली हैं। स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों के पद सभी पद भरे गए, तो प्वाइंट बढ़ना स्वभाविक है। इसके अलावा टीम के एक सदस्य का रांची यूनिवर्सिटी में पहले से जुड़ाव के कारण विवादों में आया गया था। नियम के अनुसार विवि से किसी प्रकार का संबंध है, तो नैक को बताना जरूरी है। कितने अंक पर कौन सा मिलता है ग्रेड: नैक टीम द्वारा 3.76 या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले संस्था को ए++, 3.51 से 3.75 अंक प्राप्त करने पर ए+, 3.01 से 3.50 अंक पर ए ग्रेड, 2.76 से 3 तक अंक प्राप्त करने पर बी++, 2.51 से 2.75 अंक पर बी+, 2.01 से 2.50 तक बी ग्रेड दिया जाता है। ग्रेडिंग मिलने से यह होगा लाभ: एकेडमिक और फाइनेंशियल स्वतंत्रता बढ़ेगी। विकास कार्यों के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के माध्यम से अनुदान राशि मिलने में किसी प्रकार का अवरोध नहीं रहेगा। नियमानुसार उन्हीं उच्च शिक्षण संस्थानों को अनुदान राशि दी जाएगी, जिन्हें नैक से ग्रेडिंग मिला है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब और लाइब्रेरी को अपडेट करना विवि के लिए आसान होगा।


