रांची पुलिस ने स्पेशल ब्रांच के सब इंस्पेक्टर अनुपम कच्छप की हत्या के सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने जेल में बंद भोला सिंह, गौतम यादव, संजय सिंह, सुग्रीव सिंह, राजेश महतो और राजेंद्र महतो के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य और जांच के आधार पर इस कांड को सत्य बताते हुए चार्जशीट दाखिल की है। इस हत्याकांड के अनुसंधानकर्ता ने अदालत में 51 गवाहों की सूची और अन्य साक्ष्य भी जमा किए हैं। चार्जशीट में बताया गया है कि एसआई अनुपम कच्छप हत्याकांड की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि घटनास्थल और आरोपियों के पास से पुलिस ने जो खोखा और गोलियां बरामद की थीं, वह एक समान हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि उक्त अभियुक्तों ने ही सोची-समझी साजिश के तहत सब इंस्पेक्टर अनुपम कच्छप की हत्या की है। घटना के दिन अनुपम बर्थडे पार्टी मनाकर अपने घर लौट रहे थे। इसी बीच उनकी हत्या कर दी गई थी। बर्थ डे पार्टी से लौटते वक्त डीजल चोरों ने मारी थी गोली कांके थाना क्षेत्र के संग्रामपुर रिंग रोड के समीप स्थित एक होटल के पास अनुपम कच्छप की हत्या 2 अगस्त 2024 की रात तब हुई थी, जब दारोगा अनुपम एक बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे। उसी दौरान डीजल चोरों का गिरोह एक टैंकर से डीजल चोरी करने की कोशिश कर रहा था। जब दारोगा ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो गिरोह ने उनका विरोध किया और हत्या की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए रांची पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था। हत्याकांड का सुराग पुलिस को नहीं मिल रहा था। पुलिस ने इस मामले में 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की थी। इसके बाद पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि इस हत्याकांड में डीजल चोर गिरोह शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की और गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया। धुर्वा गोलीकांड: आरोपी की नहीं हुई गिरफ्तारी इधर, धुर्वा बस स्टैंड के पास 10 फरवरी की रात चली गोली से गुलशन पांडेय नाम का युवक घायल हो गया था। पुलिस अभी तक गोली चलाने वाले को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस मामले में गुलशन पांडेय के पिता संतोष पांडेय ने कहा कि पुलिस जिन युवकों को थाना में रखकर पूछताछ कर रही है, वे सभी निर्दोष हैं। वे सभी उनके पड़ोसी हैं और काफी मददगार भी हैं।


