उदयपुर का महाराणा प्रताप एयरपोर्ट (डबोक) देश के उभरते बड़े एविएशन हब की दौड़ में दिखाई दे रहा है। लोकसभा में चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी के सवाल के लिखित जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि साल 2024-25 में उदयपुर एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 16,50,607 तक पहुंच गई। यह अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। आंकड़ा दर्शाता है कि उदयपुर का टूरिज्म और बिजनेस कनेक्टिविटी नए व तेजी से बढ़ते दौर में है। इतना नहीं, इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में तेजी से सुधार के साथ उदयपुर एयरपोर्ट न केवल वर्तमान में यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा कर रहा है, बल्कि भविष्य में मेवाड़ को देश-विदेश से जोड़ने का मजबूत हब बनने जा रहा है। टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग व कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ा उदयपुर एयरपोर्ट पर साल 2015-16 में 7.11 लाख यात्री थे। यह आंकड़ा 2018-19 में 13.92 लाख तक पहुंच गया। कोरोना काल में धक्का लगा और यात्री 4.04 लाख रह गई, लेकिन पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग की मांग और बढ़ती कनेक्टिविटी ने इसे तेजी से बढ़ाया। यही नहीं, विमानों की आवाजाही में भी अप्रत्याशित इजाफा हुआ। साल 2015-16 में 7,462 उड़ानें थीं, जबकि 2024-25 में यह संख्या 13,821 पार कर गई, यानी 85% की वृद्धि। फिलहाल रोजाना औसतन 37-38 उड़ानें हो रही हैं। इस बीच शहर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है।


