वेल्डिंग के दौरान फैक्ट्री में आग 6 घंटे में 15 धमाके, दहशत

भनपुरी इंडस्ट्रियल एरिया की टार फैक्ट्री में शनिवार दोपहर भीषण आग लग गई। टार प्रोडक्ट्स में लगी आग की लपटें दिनभर धू-धू कर जलती रही। इस दौरान 6 घंटे में एक के बाद एक हुए 15 धमाकों से भनपुरी इलाके में दहशत रहा। हालांकि इस आगजनी से जनहानि नहीं हुई। इंडस्ट्रियल एरिया से करीब 500 मीटर दूरी पर भनपुरी और उरकुरा के रिहायशी इलाकों में रहने वाले कुछ बुजुर्गों को सांस और आंखों में जलन की समस्या हुई। इन सभी को तत्काल इलाज उपलब्ध कराया गया। आग बुझाने में दमकल टीम को 7 घंटे से अधिक का समय लग गया। जानकारी के अनुसार रायपुर टार प्रोडक्ट्स फैक्ट्री के भीतर शेड निर्माण के लिए वेल्डिंग काम किया जा रहा था। फैक्ट्री में करीब 12 वर्कर मौजूद थे। 12.30 बजे के वेल्डिंग से होने वाली चिंगारी, ऑयल से सनी बोरियों व अन्य सामाग्री में गिरी। यहीं से धीरे-धीरे आग बढ़ने लगी। समय रहते फैक्ट्री में कार्यरत सभी वर्कर बाहर निकले। दोपहर 1 बजते ही आग भड़क उठी और ऑयल बैरल और टैंकर में ब्लास्ट होते रहे। इससे निकलने वाला गुब्बार रायपुर के दूसरे छोर से भी देखा जा सकता था।
भास्कर एक्सपर्ट आग से बढ़ा वायु प्रदूषण, कैंसर का खतरा
टार में मौजूद बेंजिन के जलने से कैंसर का गंभीर खतरा पैदा होता है। टार फैक्ट्री में आग लगने पर ऑयल स्लज, कार्बनिक स्लज और वेस्ट ऑयल के जलने से बेंजिन व बेंजोपाइरीन युक्त काला धुआं निकलता है। इससे राजधानी के वायुमंडल में 1.5 से 2 टन अतिरिक्त कार्बन लोड बढ़ गया। आगजनी रोकने फैक्ट्रियों में एसओपी का सख्ती से पालन जरूरी है। -प्रो. शम्स परवेज, विभागाध्यक्ष रसायनशास्त्र, रविवि
लंग्स इंजरी का खतरा, हफ्तेभर मास्क जरूरी
टार के जलने से निकलने वाले रसायन लंग्स और आंखों पर असर डालते हैं। अधिक खतरा फेफड़ों को होता है। ये रसायन हवा में लंबे समय तक बने रहते हैं। फैक्ट्री के आसपास रहने वालों को एक सप्ताह तक मास्क व चश्मा पहनना चाहिए। लापरवाही से 2 हफ्ते में गंभीर लंग्स संक्रमण हो सकता है। -डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा, मेडिसिन विभाग मेकाहारा

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