राजधानी की 40 सड़कें ऐसी हैं, जहां रोज सबसे ज्यादा जाम लगता है। लोगों को दफ्तर, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, मार्केट और अपने घर तक पहुंचने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती है। एक गाड़ी के सड़क पर फंसते ही उसके पीछे लंबी कतारें लग जाती हैं। ऐसी 40 सड़कों को पुलिस ने चिन्हित किया है, जहां हर घंटे 5 हजार गाड़ियां गुजरती हैं। यानी ऐसी सड़कें जहां पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) अधिक है। एक्सपर्ट की मदद से इन सड़कों पर लगने वाले जाम के कारण और इसे ठीक करने के उपाय पर बातचीत की जा रही है। कई सड़कों पर सुधार का काम भी शुरू हो गया है। कमिश्नरेट सर्वे में बड़ी वजह सामने आई है कि शहर में चलने वाले 75% लोगों में ट्रैफिक सेंस की कमी है। उन्हें यह तक पता नहीं कि किस लेन में चलना है, किस ओर खड़ा होना है और स्टॉप लाइन क्या होती है। 15 फीसदी समस्या चौक के डिजाइन, डिवाइडर के साइज और रोड इंजीनियरिंग की खामियों से जुड़ी है। 10 फीसदी वजह गाड़ियों की संख्या ज्यादा होना और जगह की कमी है। मोवा-दलदल सिवनी मोड़
यह सड्डू को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है। यहां से रोजाना 90 हजार से ज्यादा गाड़ियां गुजरती हैं। सुबह और शाम को सबसे ज्यादा जाम लगता है। चारों ओर से गाड़ियां आती हैं। यहां सिग्नल या रोटरी नहीं है। सड़क भी संकरी है और किनारे गाड़ियां पार्क हो जाती हैं। यहां फ्लाईओवर की जरूरत है, क्योंकि शहर इसी ओर बढ़ रहा है। जयस्तंभ चौक : रोज 1.20 लाख गाड़ियां गुजरती हैं। लेफ्ट फ्री नहीं रहता, क्योंकि रविभवन, जूस कॉर्नर व SBI की ओर जगह कम है। किरण बिल्डिंग के सामने ही जगह है। संकरी सड़कें हैं, इससे गाड़ियां फंस रही हैं।
आमापारा चौक : आमापारा चौक से रोज 80 हजार गाड़ियां गुजरती हैं। जाम की वजह सड़क किनारे दुकानें हैं। फल दुकानों के सामने लोग रॉन्ग साइड से आते हैं। चौक पर सिग्नल नहीं है, इसलिए गाड़ियां फंस जाती हैं।
तेलीबांधा चौक : तेलीबांधा थाना के सामने सड़क बॉटल नेक हो जाती है। वीआईपी तिराहा से तेलीबांधा की ओर आने से सड़क संकरी हो जाती है। इसी वजह से यहां जाम लग रहा है। रोज 1 लाख से ज्यादा गाड़िया गुजरती है। ये हैं जाम वाली 40 सड़कें मरीन तालाब, श्रीराम मंदिर तिराहा, महावीर नगर चौक, राजेंद्र नगर चौक, अमलीडीह चौक, पचपेड़ीनाका, संतोषी नगर, भाठागांव चौक, कुशालपुर चौक, बस स्टैंड भाठागांव, रायपुरा चौक, महोबाबाजार चौक, लोधीपारा चौक, मोवा दलदल सिवनी मोड़, अशोका रतन के सामने, रेलवे स्टेशन गेट-1, रेलवे स्टेशन गेट-2, पीली बिल्डिंग चौक, तेलघानी नाका चौक, शास्त्री चौक, जयस्तंभ चौक, शारदा चौक, आमापारा चौक, गोल बाजार थाना के सामने, लाखेनगर चौक, फाफाडीह ब्रिज के नीचे, मोवा थाना के सामने, कटोरा तालाब चौक, फुंडहर चौक, फुंडहर एक्सप्रेस-वे, लाभांडी चौक, शांति नगर ब्रिज, तात्यापारा चौक, एवरग्रीन चौक, कोतवाली चौक, सिंधानिया चौक उरला, पुलिस लाइन गेट और कपड़ा मार्केट चौक शामिल हैं, जहां ज्यादा जाम लगता है। एक्सपर्ट की मदद से सुधार करेंगे
शहर का सर्वे कर 40 सड़कों को चिन्हित किया गया है, जहां सबसे ज्यादा जाम लग रहा है। इन सड़कों पर एक्सपर्ट की मदद से काम शुरू कर दिया गया है, ताकि लोगों को जाम से राहत मिल सके।
डॉ संजीव शुक्ला, कमिश्नर ऑफ पुलिस, रायपुर
इन सड़कों पर जाम कम करने किए जाएंगे उपाय
कोतवाली से बिजली ऑफिस जाने वाली सड़क को वन-वे किया जाएगा। कोतवाली से बिजली ऑफिस जाने के लिए गांधी मैदान की सड़क का उपयोग किया जाएगा। वापसी के लिए बिजली ऑफिस वाली सड़क से सीधे आएंगे। तेलीघानी नाका में गाड़ियों को वन-वे किया जाएगा। गुढ़ियारी जाने के लिए अंडरब्रिज का उपयोग करेंगे। वापसी के लिए वाहन नाका ब्रिज के ऊपर से आएंगे। अग्रसेन धाम चौक के पास सर्विस रोड बंद की जाएगी, ताकि गाड़ियां सीधे सिग्नल पर न आएं। उन्हें घूमकर आना-जाना होगा। तेलीबांधा तालाब किनारे फुटपाथ को तोड़कर रैंप बनाया जाएगा। इससे बाइक रैंप पर खड़ी होंगी और सड़क पर पार्किंग नहीं होगी।
शहर में रोड फर्नीचर लगेंगे। 40 जगहों पर लेन, स्टॉप लाइन, मार्किंग, स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग, रिफ्लेक्टर, कैट्स आई, समेत अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। अब शहर में लेफ्ट फ्री करते ही 30 फीसदी कम हो जाएगा ट्रैफिक दबाव पुलिस ने 40 सड़कों पर एक्सपर्ट और कैमरों की मदद से सर्वे किया है। हर घंटे पीसीयू की गणना की गई है। इन सड़कों पर हर घंटे 5 हजार से ज्यादा गाड़ियां गुजरती हैं। एक्सपर्ट के अनुसार इन सड़कों और चौक पर लेफ्ट फ्री कर दिया जाए तो ट्रैफिक का दबाव 30% कम हो जाएगा। एक चौक पर लोग 12 दिशाओं में आना-जाना करते हैं। लेफ्ट फ्री नहीं होने से गाड़ियां फंस जाती हैं। लेन सिस्टम का पालन कराने से 20% ट्रैफिक में सुधार हो सकता है।


