लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में 415 करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी है। इसमें 13 कार्यों के लिए 299 करोड़ रुपए की निविदा मंजूरी और 7 जिलों की 10 सड़कों के लिए 116 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति शामिल है। नवा रायपुर में लोक भवन से लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल के लिए 107 करोड़ रुपए के काम को मंजूरी दी गई है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के पल्ली-छोटेडोंगर-ओरछा मार्ग में सीमेंट-कांक्रीट सड़क व पुलिया मजबूतीकरण के लिए 28 करोड़ तथा 26 करोड़ की निविदा को मंजूरी दी गई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बेला उदगी से बनसुकली मार्ग पर बनास नदी पर पुल के लिए 10.18 करोड़, जशपुर में जशपुर-सन्ना मार्ग पर घेरड़ेवा नाला पर पुल व पहुंच मार्ग के लिए 7.27 करोड़, बलरामपुर-रामानुजगंज के नरसिंहपुर से मरकाडांड मार्ग पर महान नदी पर पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 9.88 करोड़, धमतरी जिले में राजनांदगांव-गुण्डरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई तक 20 किमी लंबाई के सड़क मजबूतीकरण का काम होगा। नवा रायपुर के अधूरे काम पूरे करने की मंजूरी
नवा रायपुर के सेक्टर-18 में निर्माणाधीन लोकभवन, लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों के निवास, मुख्यमंत्री निवास, मंत्रीगणों के निवास एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निवास के शेष कार्यों, वाटर सप्लाई, सेनेटरी फिटिंग, एकॉस्टिक, पेनेलिंग वर्क एवं विद्युतीकरण कार्यों के लिए 71 करोड़ 23 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। सेक्टर-19 में माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय भवन भी पूरा होगा। 7 जिलों की 10 सड़कों के लिए 116 करोड़
वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल धमतरी जिले के दुधावा-मुरूमसिल्ली-बनरौद मार्ग के 13.80 किमी लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामर नवीनीकरण के लिए 21 करोड़ 79 लाख रुपए, नगरी-दुधावा-नगरी-बासीन राज्य मार्ग के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 19 करोड़ 40 लाख रुपए तथा लोक निर्माण विभाग के कुरूद उपसंभाग में 5 किमी लंबाई की मंजूरी दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में जिन 7 जिलों और नवा रायपुर क्षेत्र में सड़क, पुल और प्रशासनिक भवनों के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, वहां की कुल आबादी को देखें तो इन योजनाओं से करीब 15 से 20 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने का आकलन किया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में सड़क और पुल निर्माण से सैकड़ों गांवों का सालभर संपर्क बना रहेगा। इसका फायदा किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और छोटे व्यापारियों को मिलेगा। किसान फसल को समय पर मंडी तक पहुंचा सकेंगे, बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी नहीं होगी और मरीजों को जिला या संभाग मुख्यालय तक पहुंचने में समय कम लगेगा।


