गुरदासपुर में दो मरले जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मौजूदा महिला कांग्रेसी सरपंच के पति सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि, पंजाब के गांवों में पंचायत की कुछ जमीन ग्रामीणों को कूड़ा फेंकने के लिए आवंटित की जाती हैं। इसी के तहत गांव तिब्बड़ की दो मरले कूड़ा फेंकने वाली जमीन का कब्जा जिला प्रशासन के निर्देश पर 20 जनवरी को डेविड मसीह को पुलिस द्वारा दिलवाया गया था। उस समय पुलिस की मदद से जेसीबी का उपयोग कर जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया था। धक्का मुक्की में गई जान दो दिन पहले जब डेविड मसीह इस जमीन पर चारदीवारी करने का प्रयास कर रहे थे, तो गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंच गए। इनमें मौजूदा कांग्रेसी सरपंच का पति भी शामिल था। डेविड मसीह के परिवार का आरोप है कि ये लोग इस जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकानें बनाना चाहते थे। इसी दौरान हुई धक्का-मुक्की में 60 वर्षीय डेविड मसीह की मौत हो गई। हालांकि, डेविड मसीह की मौत धक्का-मुक्की के दौरान लगी चोटों से हुई या उन्हें दिल का दौरा पड़ा, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस ने मौजूदा कांग्रेसी महिला सरपंच के पति सुरिंदर कुमार उर्फ कालू सहित गांव के कुल 9 लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (धारा 304), आपराधिक साजिश (धारा 120-बी) और अन्य कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इन धाराओं में बदलाव संभव है। आरोपियो को जल्द गिरफ्तार करने की मांग मृतक डेविड मसीह के पुत्र सचिन मसीह और उनकी रिश्तेदार बशीरा ने आरोप लगाया है कि मौजूदा सरपंच का पति और अन्य लोग डंडे और कहियां लेकर मौके पर पहुंचे थे, और उनका इरादा हत्या करने का ही था। उन्होंने यह भी बताया कि धक्का-मुक्की के दौरान डेविड मसीह के सीने पर मुक्के मारे गए, जिससे वह जमीन पर गिर गए और उनकी मृत्यु हो गई। परिवार ने आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।


