लुधियाना उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल ने शनिवार को लुधियाना रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई की। रेलवे द्वारा चलाए गए इस विशेष फोर्ट्रेस चेक अभियान के दौरान स्टेशन के सभी निकास द्वारों को सील कर चेकिंग की गई जिससे अवैध रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। 8 घंटे चला अभियान,वसूला ₹2.77 लाख का राजस्व रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह विशेष अभियान सुबह 9:00 बजे शुरू होकर शाम 5:00 बजे तक लगातार चला। इस दौरान प्लेटफार्म पर आने और जाने वाली हर ट्रेन की बारीकी से जांच की गई। जिसमे 327 बिना टिकट और अनियमित टिकट के पकड़े
टीम में 20 टिकट जांच स्टाफ (TTE) और RPF के जवान। क्या होता है ‘फोर्ट्रेस चेक’? परमदीप सिंह सैनी वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने कहा रेलवे की शब्दावली में फोर्ट्रेस चेक का अर्थ स्टेशन को एक किले की तरह घेर लेना होता है। इसमें बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक भारी फोर्स और चेकिंग स्टाफ के साथ स्टेशन के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर पहरा लगा दिया जाता है। इस दौरान प्लेटफार्म टिकट से लेकर जनरल और रिजर्वेशन टिकटों की कड़ाई से जांच की जाती है ताकि एक भी बिना टिकट यात्री बचकर न निकल सके। बिना टिकट यात्रा करना न केवल कानूनी अपराध है बल्कि यह ईमानदार यात्रियों के अधिकारों का हनन भी है। यात्री असुविधा से बचने के लिए हमेशा वैध टिकट लेकर ही स्टेशन परिसर में प्रवेश करें। रेलवे की सख्त चेतावनी : पकड़े जाने पर टिकट की राशि के साथ-साथ भारी आर्थिक दंड देना होगा। बार-बार पकड़े जाने या जुर्माना न भरने की स्थिति में रेलवे अधिनियम की धाराओं के तहत जेल भी हो सकती है। अब प्रमुख स्टेशनों पर लगे CCTV कैमरों की मदद से भी संदिग्ध गतिविधियों और बिना टिकट घूमने वालों पर नजर रखी जा रही है।


