सुजानदेसर स्थित सूरज विहार कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं और पानी की व्यवस्था के लिए लोक अदालत की ओर आदेश दिए जाने के बावजूद यूआईटी, पीएचईडी ने पालना नहीं की। सेल अमीन की टीम ढोल बजाकर इन कार्यालयों में पहुंची और कुर्क किए जाने का नोटिस चस्पा किया। सुजानदेसर की सूरज विहार कॉलोनी यूआईटी से अप्रूव कराई गई। लेकिन, लेकिन कॉलोनाइजर और डेवलपर्स ने वहां मूलभूत सुविधाएं, पानी तक की व्यवस्था नहीं की। कॉलोनी निवासी कैलाश भार्गव ने इस संबंध में 5 जुलाई, 23 को स्थाई लोक अदालत में वाद पेश किया। सुनवाई के बाद लोक अदालत ने 21 जून, 24 को नगर विकास न्यास, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नयाशहर, कीर्ति स्तंभ के पास कार्यालय के अधीक्षण अभियंता और कलोनाइज़र एवं डेवलपर्स ललित व्यास को पाइप लाइन डालकर पानी की टंकी बनाने के आदेश दिए। इन आदेशों की पालना नहीं होने पर वादी ने अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या एक के समक्ष इजराय की अर्जी लगाई। सुनवाई के बाद कोर्ट की पीठासीन अधिकारी पल्लवी ने 22 अक्टूबर को संबंधित विभाग के कार्यालयों पर कुर्की के नोटिस चस्पा करने के आदेश दिए। वादी की ओर से पैरवी बसंत आचार्य एवं विकास छंगाणी ने की। सोमवार को सेल अमीन नवनीत नारायण जोशी की टीम यूआईटी, पीएचईडी के दोनों कार्यालयों और कॉलोनाइजर के यहां पहुंची। ढोल बजाकर इन कार्यालयों पर कुर्की नोटिस चस्पा किए। नोटिस चस्पा की कार्रवाई के दौरान ढोल बजते देख लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सेल अमीन जोशी ने बताया कि संबंधित विभागों को नोटिस देकर 20 दिसंबर को कोर्ट में पेश होकर पक्ष रखने के लिए कहा गया है। नोटिस चस्पा किए गए हैं जिससे कार्यालयों को ना बेचा जा सकता है और ना ही अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा। कोर्ट के आदेश पालना नहीं करने पर कुर्की के बाद नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।


