6 घंटे पढ़ाई कर श्रेयस बने JEE-मेन के ऑल-इंडिया टॉपर:लखनऊ में तैयारी के लिए बताई 3 टिप्स; बोले- टाइम नहीं टॉपिक के हिसाब से पढ़ा

मुझे सोशल मीडिया से ज्यादा पढ़ाई में इंटरेस्ट था। मैथ्स और साइंस मुझे हमेशा से मोटिवेशन मिला। केमिस्ट्री थोड़ा टफ लगती है। यही कारण है कि सबसे ज्यादा इसी विषय में समय दिया। उसे याद किया। रेगुलर स्टडी से सब कुछ आसान बना दिया। ये कहना है JEE मेन के ऑल इंडिया टॉपर और 100 परसेंटाइल स्कोर लाने वाले लखनऊ के गोमतीनगर निवासी श्रेयस लोहिया का। वह कहते हैं- उन्हें पढ़ाई करने और अच्छा स्कोर लाने में किसी बड़े चैलेंज का सामना नहीं करना पड़ा। दैनिक भास्कर ने श्रेयस से एक्सक्लूसिव बात करके उनकी तैयारी, मेहनत और भविष्य के लक्ष्य के बारे में जाना। चलिए, पढ़ते हैं… सवाल: JEE मेन में टॉप करके कैसा फील कर रहे हैं?
जवाब: मुझे बहुत अच्छा लग रहा। अब एडवांस की तैयारी करनी है। रोज 5 से 6 घंटे की पढ़ाई करता था। केमिस्ट्री में थोड़ा ज्यादा टाइम दिया, क्योंकि इसमें याद करने वाला पोर्शन थोड़ा ज्यादा रहता है। बाकी पुराने कई सालों के पेपर लगाए थे। NCERT को भी अच्छे से पढ़ा था। मैं यही कहना चाहूंगा कि सबको मेहनत करनी चाहिए। 100 परसेंटाइल स्कोर भी हासिल किया जा सकता है। सवाल: क्या रोज 5 से 6 घंटे की पढ़ाई में 100 परसेंटाइल लाया जा सकता है?
जवाब: जी बिल्कुल लाया जा सकता है, लेकिन रोजाना पढ़ाई जरूरी है। JEE मेन का कोई बहुत ज्यादा कोर्स नहीं है। ऐसे में रोजाना इतना समय देने से कोर्स जरूर पूरा हो जाएगा। टाइम मैनेजमेंट के लिए मैंने पढ़ाई टॉपिक देखकर की। घंटे देखकर पढ़ाई नहीं की। सवाल: किस सब्जेक्ट को कितना समय देते? कौन सा सब्जेक्ट ज्यादा टफ लगा?
जवाब: मैथ्स में एक बार कॉन्सेप्ट क्लियर हो गया तो फिर प्रैक्टिस की ही जरूरत पड़ती है। इसके लिए मैंने रेगुलर प्रैक्टिस की। फिजिक्स में भी रेगुलर प्रैक्टिस करने की आदत डाली थी। केमिस्ट्री में थोड़ा याद करने वाला पोर्शन ज्यादा था। कार्बनिक और इनॉर्गेनिक को मैंने याद किया। यही कारण था कि इसमें ज्यादा समय लग गया। टफ कोई बहुत ज्यादा नहीं लगा। तीनों सब्जेक्ट बराबर ही लगे। सवाल: इसी साल आपको बोर्ड की परीक्षा देनी है? कैसे सब मैनेज किया?
जवाब: बोर्ड एग्जाम के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स इन तीनों सब्जेक्ट की तैयारी में आसानी होती है। इससे जुड़े कॉन्सेप्ट पहले से क्लियर हो जाते हैं। इसके अलावा इंग्लिश और कंप्यूटर जैसे विषयों को देखना पड़ता है। इंग्लिश में थोड़ा कोर्स ज्यादा रहता है तो इसे इग्नोर नही किया जा सकता। पर ये सही है कि हर हफ्ते बाकी बचें इन विषयों की नियमित 2 से 3 घंटे की पढ़ाई से सब कुछ आसानी से मैनेज किया जा सकता है। सवाल: करियर के लिहाज से आगे के लिए क्या सोचा है?
जवाब: करियर के लिहाज से अभी बहुत कुछ सोचा नहीं है। फिलहाल पूरा फोकस JEE एडवांस पर ही है, क्योंकि आईआईटी में दाखिले के लिए वही मेन एग्जाम होता है। पहले तो इस पर ही ध्यान दे रहा हूं। अच्छा स्कोर लाने की सोच रहा हूं..बाकी सब बाद में देखेंगे। सवाल: JEE एग्जाम से जुड़े विवादों पर क्या कहेंगे?
जवाब: मैं इन बातों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देता। मेरा फोकस पढ़ाई पर ज्यादा रहता है। बाकी स्टूडेंट्स से भी यही कहना है कि इन बातों पर बहुत ज्यादा समय देने से भी कोई फायदा नहीं होने वाला। ऐसे में पढ़ाई पर ही फोकस करना चाहिए। सवाल: तैयारी के दौरान जब कभी डाउन फील होने वाला मोमेंट आया तो कैसे हैंडल किया?
जवाब: मेरे ख्याल से ऐसा कोई मोमेंट आना नहीं चाहिए। अगर आप पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं तो इन सभी बातों को इग्नोर किया जा सकता है। मेरे साथ भी ऐसा कुछ हुआ नहीं। मेरा यही कहना है कि सिर्फ अपने लक्ष्य पर ही ध्यान केंद्रित करना चाहिए। बाकी अन्य बातों को इग्नोर करना ही बेहतर। सवाल-फैमिली मेंबर्स से कैसा सपोर्ट मिला?
जवाब: मेरे भैया से मुझे प्रेरणा मिलती है। वो फिलहाल IIT रुड़की में पढ़ाई कर रहे हैं। मैं भी किसी अच्छे संस्थान से CS में बीटेक करना चाहता हूं। इसके अलावा, फादर और मदर से भी पूरा सपोर्ट मिला। खाने पीने समेत सभी जरूरतें उन्होंने ही पूरी की। सवाल: तैयारी के दौरान सोशल मीडिया पर कितने एक्टिव रहे?
जवाब: मैं सोशल मीडिया (फेसबुक-इंस्टाग्राम) पर एक्टिव नहीं हूं। बस वॉट्सऐप यूज करता हूं। पढ़ाई से रिलेटेड कुछ हेल्प यूट्यूब से लिया था। इसके अलावा मोबाइल का लिमिटेड यूज किया। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान मैंने विकिपीडिया पढ़ा। स्टैक एक्सचेंज से पढ़ाई को लेकर कुछ टिप्स हासिल की। मां ने कहा- बड़ों के आशीर्वाद से मिली सफलता
श्रेयस की मां कहती हैं- ये सफलता इनकी मेहनत के कारण ही संभव हो सकी हैं। इनके साथ टीचर्स ने भी इनको पढ़ाने में बहुत मेहनत की हैं। परिवार में सभी बड़ों का इन पर आशीर्वाद रहा है। शुरू से ही इनका पढ़ाई में मन लगता था। TV और मोबाइल देखने में बहुत टाइम वेस्ट नही किया। बिना कहे खुद से ही पढ़ाई करते रहे। यही कारण है कि आज सफल है। यह खबर भी पढ़ें…. NEET UG में इस साल ये बदलाव: ऑप्शनल सवाल नहीं पूछे जाएंगे, ट्राई-ब्रेकर क्राइटेरिया बदला; दूर के सेंटर नहीं चुन सकते कैंडिडेट्स NEET UG 2025 का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 7 फरवरी से NTA ने शुरू कर दिया है। एप्लिकेशन फॉर्म के अलावा NTA ने आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर NEET UG का इंफोर्मेशन बुलेटिन, सिलेबस और एग्जाम पैटर्न भी अपलोड किया है। NEET UG 2025 एग्जाम में कई अहम बदलाव भी किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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