‘मेरी बहन का बिहार में टीचर के पद हो गया था। मगर वह यूपी में नौकरी चाहती थी। साथ ही वह IAS बनना चाहती थी, इसके लिए वह पढ़ रही थी। मगर ससुराल वाले उसकी मदद नहीं कर रहे थे। उल्टा वह दहेज में 15 लाख रुपए और एक फॉर्च्यूनर मांग रहे थे। ससुराल वाले बहन को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। रोज जीजा शराब पीकर मारपीट करते थे। मेरी बहन ज्योति बहुत होशियार और निडर थी। उसने बाहर रहकर पढ़ाई की थी, इसलिए वह हर हालातों से लड़ना सीख गई थी। वह आत्महत्या नहीं कर सकती। ससुरालवालों ने ज्योति की हत्या कर शव पंखे में लटका दिया और उससे जबरन सुसाइड नोट लिखवा लिया।’ ये दर्द प्रयागराज में फांसी लगाकर सुसाइड करने वाली ज्योति के भाई प्रदीप शिवहरे का। उनका आरोप है कि बहन ने सुसाइड नहीं किया है। ससुरालवालों ने उसे बहुत परेशान कर रखा था। वह फोन कर बताया करती थी। फिर वह कहती थी कि एक दिन जब सरकारी अफसर बन जाऊंगी तो सब ठीक हो जाएगा। जो बहन मुझे हिम्मत दे थी, वो भला कैसे हिम्मत हार सकती है। पुलिस भी मेरा सपोर्ट नहीं कर रही है। विस्तार से जानिए पूरा मामला… तीन महीने पहले नवंबर में हुई थी शादी
कानपुर के नरवल निवासी प्रदीप शिवहरे ने बताया- छोटी बहन ज्योति उर्फ बिट्टी का विवाह 28 नवंबर 2024 को प्रयागराज कटरा निवासी संदीप जायसवाल से हुआ था। संदीप जायसवाल कापी-किताब का कारोबार है। 10 फरवरी को ज्योति शिवहरे (32) का शव फंदे से लटका मिला। बहन की ससुराल में पति संदीप के अलावा मां उर्मिला जायसवाल, सुनील जायसवाल की पत्नी नैंसी जायसवाल, छोटा भाई मंटू उर्फ अरुण व ननद अलका जो शादीशुदा है। सभी लोगों की ज्वाइंट फैमिली है। एक की मकान में रहते हैं। ससुरालीजनों ने हत्या कर पंखे पर लटकाया है। कानपुर निवासी ज्योति के भाई प्रदीप शिवहरे ने बताया-सबसे छोटी बहन ज्योति उर्फ बिट्टी एमएससी व एमएड कर चुकी थी। वह पढ़ना चाहती थी और आइएएस बनने की तैयारी कर रही थी। संदीप 5 फरवरी को मिलने नहीं आए
भाई प्रदीप शिवहरे ने बताया- 5 फरवरी को बहन से मिलने उसके ससुराल गए थे। ससुराल के सभी लोग उनसे मुलाकात की। लेकिन, बहनोई संदीप जायसवाल उनसे मिलना उचित नहीं समझा। वह काफी देर रुके। लेकिन, वह उनसे मिलने नहीं आए। 9 फरवरी को बड़ी बहन प्रतिभा कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज गई थी। उसने ज्योति को रात 10 बजे तक फोन से बातचीत हुई थी। तब बहन ज्योति ने बताया था कि संदीप रोज दारू पीकर आते है और घर में चिकन बनता है। वह इन सब का विरोध करती थी। इसके बाद फोन काट कर बात करके काम करने चली गई। रात 12 बजे मैंने फोन किया, तो बहन का फोन नहीं रिसीव हुआ, तो उसने संदीप को फोन मिलाया। जब दोनों लोगों फोन नहीं रिसीव हुआ तो थोड़ा परेशान हुई। सुबह 10 बजे संदीप की कॉल आई
भाई प्रदीप शिवहरे ने बताया- इसके बाद ज्योति के पति संदीप ने मंझली बहन विभा के पास सोमवार सुबह 10 बजे फोन करके बताया कि ज्योति की तबीयत बहुत खराब है। देख जाओ आकर, इतना कहकर फोन काट दिया। बहन विभा ने मुझे फोन करके जानकारी दी। जिसके बाद उसने अपने बहनोई को फोन किया, तो बताया कि ज्योति ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली है। वे निजी साधन से दोपहर 1 बजे बहन की ससुराल प्रयागराज के कटरा लक्ष्मी टॉकीज के समीप माधव कुंज पंहुचे तो घटना के बारे में जानकारी दी गई। मामले की उच्चाधिकारियों से शिकायत की। जिसके बाद वीडियो ग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम हुआ। सरकारी टीचर बनना चाहती थी बहन
भाई प्रदीप शिवहरे ने बताया- बहन की ससुराल प्रयागराज पहुंचे, तो मालूम हुआ कि ज्योति का शव पंखे पर लटका पाया गया। ज्योति पढ़ने में बहुत होशियार थी। सरकारी नौकरी करना चाहती थी। उसका सपना था कि वह सरकारी टीचर बन कर अपने पैरों पर खड़ी हो सके। वह मां गोमती बोली-मेरी बेटी को ससुराल वालों ने मिलकर मार डाला इतना कह कर वह बेहोश गई, रिश्तेदार समेत आसपास के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे। कर्नलगंज इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार इंस्पेक्टर ने बताया-मामला संज्ञान में है, जांच हो रही है। परिवार का बयान दर्ज होगा। ————- ये खबर भी पढ़ें- डिजिटल मर्डर, सुसाइड से पहले बेटी से की बात:प्रतापगढ़ में बेटा बोला- पापा ने पड़ोसी से पैसे लेकर जालसाजों को दिए सुसाइड करने से पहले पापा ने दोपहर एक बजे मुझे फोन किया था। परेशान लग रहे थे, मैंने पूछा- क्या हुआ? परेशान क्यों हो, मम्मी परेशान कर रही हैं क्या? उन्होंने कहा- नहीं। फिर मैंने कहा- पापा कहां हो? तो बोले- ड्यूटी पर हूं। इसके बाद हालचाल लेकर फोन रख दिया। 4 घंटे बाद सूचना मिली कि पापा ने सुसाइड कर लिया। यहां पढ़ें पूरी खबर


