उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ता तनाव, परीक्षा और करियर का दबाव, संवाद की कमी और मानसिक असंतुलन अब सिर्फ व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि पूरे शैक्षणिक तंत्र की चुनौती बन चुका है। इन हालातों को गंभीरता से लेते हुए रांची यूनिवर्सिटी ने झारखंड में एक नई शैक्षणिक पहल की नींव रखी है। यूनिवर्सिटी के मोरहाबादी कैंपस में राज्य का पहला हैप्पीनेस सेंटर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) स्थापित करने का कार्य अंतिम चरण में है। एक महीने के भीतर इस सेंटर का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके पहले डायरेक्टर के रूप में साइकोलॉजी के एचओडी डॉ. परवेज हसन की नियुक्ति भी शनिवार को कर दी गई है। इसकी परिकल्पना आरयू के कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने की है। उनका मानना है कि आधुनिक शिक्षा में डिग्री के साथ मानसिक मजबूती और जीवन संतुलन भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत सेंटर को ऐसा स्वरूप दिया गया है। क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी सेंटर में मनोवैज्ञानिक परामर्श तनाव, एंग्जाइटी और डिप्रेशन से जुड़ी समस्याओं पर सहयोग योग, ध्यान और माइंडफुलनेस सत्र संगीत, कला और रचनात्मक गतिविधियां लाइफ-स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप कहां बना है हैप्पीनेस सेंटर हैप्पीनेस सेंटर का निर्माण मोरहाबादी स्थित आरयू के यूजीसी मदन मोहन मालवीय टीचर ट्रेनिंग सेंटर परिसर में किया गया है। इसके निर्माण के लिए एक बैंक द्वारा सीएसआर के तहत 10 लाख रुपए उपलब्ध कराए गए थे। इस राशि से काउंसलिंग कक्ष, ध्यान और योग रूम, गतिविधि कक्ष, सेमिनार हॉल और डायरेक्टर कक्ष का निर्माण किया गया है। अब सिर्फ फर्निशिंग का कार्य बाकी है। स्वस्थ दिमाग, बेहतर प्रदर्शन…आरयू प्रशासन का कहना है कि मानसिक रूप से स्वस्थ छात्र व शिक्षक ही बेहतर अकादमिक और सामाजिक योगदान दे सकते हैं। हैप्पीनेस सेंटर के जरिए कैंपस को तनावमुक्त, सकारात्मक व सहयोगी माहौल देने की कोशिश है। क्या कहते हैं सेंटर के पहले डायरेक्टर… परामर्श लेने वाले की पहचान गोपनीय रहेगी इसलिए स्थापित हो रहा सेंटर… हाल के वर्षों में छात्रों के बीच परीक्षा और रिजल्ट का दबाव, करियर को लेकर अनिश्चितता, सोशल मीडिया से उपजा तनाव, अकेलापन और संवाद की कमी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि समस्या बढ़ने के बाद इलाज से बेहतर है समय रहते मानसिक सहयोग उपलब्ध कराना। यही सोच इस सेंटर की बुनियाद है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सबसे अहम बात यह है कि परामर्श लेने वाले हर व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि छात्र और कर्मचारी बिना किसी झिझक के मदद ले सकें। हैप्पीनेस सेंटर के संचालन में यूनिवर्सिटी के कई विभागों की संयुक्त भूमिका होगी। इसमें योग व स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञ, परफॉर्मिंग व फाइन आर्ट्स विभाग शामिल हैं। इन विभागों के विशेषज्ञ मिलकर ऐसे कार्यक्रम तैयार करेंगे, जो मानसिक मजबूती के साथ रचनात्मक ऊर्जा को भी बढ़ावा दें।


