दतिया शहर के किला चौक पर रविवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब तीन दुकानों को रातों-रात जेसीबी मशीन से तोड़े जाने का मामला सामने आया। दुकानदारों ने इस कार्रवाई के लिए समदरिया बिल्डर्स के इंजीनियर और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। व्यापारियों के अनुसार, शनिवार देर रात समदरिया बिल्डर्स के कर्मचारी दुकानों पर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान दुकानदारों से दुकान खाली करने को कहा गया था। आपसी सहमति से यह तय हुआ था कि रविवार को दुकानों को हटाया जाएगा, लेकिन आरोप है कि तय समय से पहले ही देर रात कंपनी के कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से तीनों दुकानों को ढहा दिया। इस दौरान दुकानों में रखा सामान भी पूरी तरह टूट-फूट कर नष्ट हो गया। दुकानों के टूटने की सूचना मिलते ही गुस्साए व्यापारियों ने मौके पर पहुंचकर कंपनी की जेसीबी मशीन में तोड़फोड़ कर दी और किला चौक पर जाम लगा दिया। कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी टीआई धीरेंद्र मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए जाम खुलवाया और व्यापारियों को समझाइश दी। एसडीएम ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया
मामले में एसडीएम संतोष तिवारी ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि बग्गीखाना क्षेत्र में पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से समदरिया बिल्डर्स द्वारा मॉल का निर्माण किया जा रहा है। मॉल के बाहरी हिस्से में स्थित कुछ दुकानें अभी तक बनी हुई थीं, जिनके मालिकों ने न्यायालय का रुख किया था। एसडीएम के अनुसार, न्यायालय से कंपनी के पक्ष में निर्णय आने के बाद करीब दो माह पूर्व दुकानों को खाली करने के नोटिस जारी किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकानों को किसने और किन परिस्थितियों में तोड़ा, इसकी जांच कराई जा रही है। एसडीएम ने बताया कि समदरिया बिल्डर्स और हाउसिंग बोर्ड से जवाब तलब किया गया है। साथ ही यह भी सामने आया है कि दुकानों को तोड़ते समय न तो प्रशासन और न ही पुलिस को सूचना दी गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


