भीलवाड़ा में एक बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ अंतिम यात्रा निकाली। बंदर को कफन ओढ़ाकर अर्थी सजाई गई और चार लोग कंधा देकर श्मशान के लिए रवाना हुए। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए, जो राम नाम का जाप करते हुए और गुलाल उछालते हुए चल रहे थे। मामला रविवार का जिले के आसींद क्षेत्र की बोरेला पंचायत का है। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है। ग्रामीण राधेश्याम शर्मा के अनुसार रविवार सुबह गांव में एक वानर घूम रहा था। कुत्तों के पीछा करने पर वानर उनसे बचने के लिए दौड़ते हुए बिजली के ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ गया। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पूरे गांव में छाया शौक वानर की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर ढोल-नगाड़ों के साथ वानर की अंतिम यात्रा निकाली। इस यात्रा में बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार वानर का अंतिम संस्कार किया गया। 12 दिन करने के बाद खिलाएंगे खाना ग्रामीण बबलू सिंह चुंडावत, श्याम दास वैष्णव, पोखर लाल गुर्जर, भोलाराम गुर्जर, रतन सिंह चुंडावत, भागु नाथ योगी, गोवर्धन वर्मा आदि ने कंधा दिया। ग्रामीणों ने बताया- पूरी रीती रिवाज के साथ 12 दिन करने के बाद बच्चों को खाना खिलाएंगे। ग्रामीणों ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और विद्युत उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की।


